
रायपुर:भारत अमरीका के कृषि व्यापार के देश के किसानों और कृषि पर विनाशकारी प्रभाव और देश के कृषि की तबाही तथा श्रमिक विरोधी लेबर कोड के जरिए मजदूरों को मालिकों का गुलाम बनाने वाली केंद्र सरकार की नीतियों का जबरदस्त विरोध करते हुए इसे रद्द करने सहित श्रमिक किसानों की सी टू फार्मूला के अनुरूप समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद, श्रमिकों के न्यूनतम वेतन, सामाजिक कल्याण के अधिकार, सार्वजनिक क्षेत्रों की विनिवेशीकरण और निजीकरण पर रोक, रिक्त पदों पर भर्ती कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सहित अन्य मांगो को लेकर दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में किसानों और मजदूरों के संयुक्त कन्वेशन में 10 अगस्त को देशभर में मज़दूरों किसानों के संयुक्त जेलभरो, प्रदर्शन, रैली, रास्ता रोको आंदोलन का आव्हान किया है।
छत्तीसगढ़ में भी इसे सफल बनाने ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच एवं संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि एटक के प्रदेश महासचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न इस बैठक में इंटक अध्यक्ष संजय सिंह, सीटू सचिव एस एन बैनर्जी, एच एम एस कार्यकारी अध्यक्ष एच एस मिश्रा, एक्टू के सचिव ब्रजेन्द्र तिवारी, एस टी यू सी के वी एस बघेल, सुरेन्द्र शर्मा, आर डी आई ई यू से राजेश पराते, गजेंद्र पटेल, पेंशनर नेता अतुल देशमुख, संयुक्त किसान मोर्चा के तेजराम विद्रोही, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनकलाल ठाकुर, श्रमिक नेता सौरा यादव, छत्तीसगढ़ किसान सभा के महासचिव कपिल पैकरा, प्रशांत झा, आदिवासी एकता महासभा के बाल सिंह सहित अन्य अनेक नेता शामिल थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त को रायपुर में 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो के नारे को लेकर आजादी के आंदोलन के अग्रज महात्मा गांधी की आजाद चौक स्थित प्रतिमा के समक्ष यह आंदोलन आयोजित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भिलाई, राजहरा, राजनांदगांव, धमतरी, बलौदा बाजार, कांकेर, बालोद, बीजापुर, कोरबा, रायगढ़, जगदलपुर, बीजापुर, सुकमा, अंबिकापुर सहित अन्य स्थानों पर भी जेल भरो/रैली/प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।ट्रेड यूनियनों एवं किसान मोर्चा ने प्रदेश के सभी श्रमिक किसान जनता से इसे सफल बनाने का आव्हान किया है।







