रायपुर:आ गया कालीधर। छा गया कालीधर। अभिषेक बच्चन के लिए बदल गए लोगों के दिलों में जज़्बात। लोग कहने लगे- दिल जीत लिया आपने. आप तो जादूगर हो भइया। साथियों अभिषेक बच्चन की फ़िल्म कालीधर लापता ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर कल यानि 04 जुलाई को रिलीज़ हो चुकी है। और ये फ़िल्म लोगों को पसंद आ रही है। क्रिटिक्स भी इस फ़िल्म की, और अभिषेक बच्चन की एक्टिंग की तारीफ़ कर रहे हैं। और कई सोशल मीडिया यूज़र्स तो ऐसे हैं जिनका कहना है कि हर सिने प्रेमी को ये फ़िल्म देखनी चाहिए। कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं है। ये भावना है।
इस फ़िल्म को डायरेक्ट किया है मधुमिता सुंदररामन ने। अभिषेक बच्चन इस फ़िल्म में कालीधर के किरदार में हैं। कालीधर एक मिडिल एज ग्रुप का आदमी है। उसे अलज़ाइमर बीमारी हो गई है। लेकिन कालीधर के घरवाले उसका इलाज नहीं कराते। बल्कि उसे हरीद्वार में कुंभ मेले में छोड़कर आ जाते हैं। क्योंकि वो उससे छुटकारा पाना चाहते हैं। कालीधर वहां से निकल जाता है। चल पड़ता है एक सफ़र पर। लेकिन वो खाली जेब और एकदम अकेला है। फिर उसकी मुलाक़ात होती है बल्लू से। बल्लू का किरदार निभाने वाले बाल कलाकार का नाम दैविक बाघेला है।
बल्लू और कालीधर दोस्त बन जाते हैं। दोनों के बीच एक भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। दूसरी तरफ़ कालीधर को उसके घरवाले तलाशने की कोशिश करते हैं। क्या कालीधर अपने घरवालों के पास फिर से पहुंच सकेगा? अनाथ बल्लू और कालीधर का दोस्ती का रिश्ता क्या मोड़ लेता है? फ़िल्म देखने के बाद ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब मिलते हैं। बताया जा रहा है कि अभिषेक बच्चन ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है। कुछ लोग तो इसे अभिषेक बच्चन की बेस्ट परफॉर्मेंस तक कह रहे हैं। बल्लू का किरदार जीने वाले दैविक बाघेला के काम की भी प्रशंसाएं हो रही हैं।
एक्ट्रेस निम्रत कौर ने इस फ़िल्म में स्पेशल अपीयरेंस दिया है। वो इस फ़िल्म में कालीदास की प्रेमिका मीरा के रोल में दिखी हैं। इससे पहले दसवीं नामक फ़िल्म में भी निम्रत कौर ने अभिषेक बच्चन के अपोज़िट काम किया था। कालीधर लापता में भी निर्मत कौर ने अच्छा काम किया है। एक्टर जीशान अय्यूब सुबोध के किरदार में दिखे हैं। सुबोध का काम है कुंभ मेले में खोया-पाया विभाग को संभालना। कालीधर के लापता होने के सुबोध उसे तलाशने के लिए बहुत मेहनत करता है। ज़ीशान अय्यूब ने बहुत अच्छे से ये किरदार निभाया है।
ये फ़िल्म साल 2019 में आई तमिल फ़िल्म के.डी. का रीमेक है। वो फ़िल्म भी मधुमिता ने ही डायरेक्ट की थी। उस फ़िल्म में और इस फ़िल्म में थोड़ा ही फ़र्क है। एक बड़ा फ़र्क ये है कि उसमें मुख्य किरदार एक 80 साल का वृद्ध होता है। जबकी कालीधर लापता में एक 40-45 साल के व्यक्ति पर कहानी केंद्रित है। और जो लोग तमिल फ़िल्म के.डी. देख चुके हैं, उनका कहना है कि कालीधर लापता भी एक अच्छी फ़िल्म है। मगर के.डी. जितनी शानदार नहीं है। यानि के.डी. देखनी पड़ेगी अब, अगर हिंदी में मिल जाए तो। किसी ने देखी हो तो बताइएगा कहां देखी जा सकती है के.डी. फ़िल्म हिंदी में।
आ गया कालीधर। छा गया कालीधर। अभिषेक बच्चन के लिए बदल गए लोगों के दिलों में जज़्बात। लोग कहने लगे- दिल जीत लिया आपने. आप तो जादूगर हो भइया। साथियों अभिषेक बच्चन की फ़िल्म कालीधर लापता ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 पर कल यानि 04 जुलाई को रिलीज़ हो चुकी है। और ये फ़िल्म लोगों को पसंद आ रही है। क्रिटिक्स भी इस फ़िल्म की, और अभिषेक बच्चन की एक्टिंग की तारीफ़ कर रहे हैं। और कई सोशल मीडिया यूज़र्स तो ऐसे हैं जिनका कहना है कि हर सिने प्रेमी को ये फ़िल्म देखनी चाहिए। कह रहे हैं कि ये सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं है। ये भावना है।
इस फ़िल्म को डायरेक्ट किया है मधुमिता सुंदररामन ने। अभिषेक बच्चन इस फ़िल्म में कालीधर के किरदार में हैं। कालीधर एक मिडिल एज ग्रुप का आदमी है। उसे अलज़ाइमर बीमारी हो गई है। लेकिन कालीधर के घरवाले उसका इलाज नहीं कराते। बल्कि उसे हरीद्वार में कुंभ मेले में छोड़कर आ जाते हैं। क्योंकि वो उससे छुटकारा पाना चाहते हैं। कालीधर वहां से निकल जाता है। चल पड़ता है एक सफ़र पर। लेकिन वो खाली जेब और एकदम अकेला है। फिर उसकी मुलाक़ात होती है बल्लू से। बल्लू का किरदार निभाने वाले बाल कलाकार का नाम दैविक बाघेला है।
बल्लू और कालीधर दोस्त बन जाते हैं। दोनों के बीच एक भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। दूसरी तरफ़ कालीधर को उसके घरवाले तलाशने की कोशिश करते हैं। क्या कालीधर अपने घरवालों के पास फिर से पहुंच सकेगा? अनाथ बल्लू और कालीधर का दोस्ती का रिश्ता क्या मोड़ लेता है? फ़िल्म देखने के बाद ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब मिलते हैं। बताया जा रहा है कि अभिषेक बच्चन ने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है। कुछ लोग तो इसे अभिषेक बच्चन की बेस्ट परफॉर्मेंस तक कह रहे हैं। बल्लू का किरदार जीने वाले दैविक बाघेला के काम की भी प्रशंसाएं हो रही हैं।
एक्ट्रेस निम्रत कौर ने इस फ़िल्म में स्पेशल अपीयरेंस दिया है। वो इस फ़िल्म में कालीदास की प्रेमिका मीरा के रोल में दिखी हैं। इससे पहले दसवीं नामक फ़िल्म में भी निम्रत कौर ने अभिषेक बच्चन के अपोज़िट काम किया था। कालीधर लापता में भी निर्मत कौर ने अच्छा काम किया है। एक्टर जीशान अय्यूब सुबोध के किरदार में दिखे हैं। सुबोध का काम है कुंभ मेले में खोया-पाया विभाग को संभालना। कालीधर के लापता होने के सुबोध उसे तलाशने के लिए बहुत मेहनत करता है। ज़ीशान अय्यूब ने बहुत अच्छे से ये किरदार निभाया है।
ये फ़िल्म साल 2019 में आई तमिल फ़िल्म के.डी. का रीमेक है। वो फ़िल्म भी मधुमिता ने ही डायरेक्ट की थी। उस फ़िल्म में और इस फ़िल्म में थोड़ा ही फ़र्क है। एक बड़ा फ़र्क ये है कि उसमें मुख्य किरदार एक 80 साल का वृद्ध होता है। जबकी कालीधर लापता में एक 40-45 साल के व्यक्ति पर कहानी केंद्रित है। और जो लोग तमिल फ़िल्म के.डी. देख चुके हैं, उनका कहना है कि कालीधर लापता भी एक अच्छी फ़िल्म है। मगर के.डी. जितनी शानदार नहीं है। यानि के.डी. देखनी पड़ेगी अब, अगर हिंदी में मिल जाए तो। किसी ने देखी हो तो बताइएगा कहां देखी जा सकती है के.डी. फ़िल्म हिंदी में।






