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ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों, पत्रकारों ने प्रदर्शन कर मनाया काला दिवस: न्यूज क्लिक के पत्रकारों के घरों पर छापे का भी किया,विरोध

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रायपुर:   ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच, संयुक्त किसान मोर्चा तथा वकिंग जर्नलिस्ट यूनियन के आव्हान पर देश भर में 3 अक्तूबर 2021 को किसान विरोधी काले कानून की वापसी की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आंदोलनरत किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के पुत्र द्वारा अपनी फरचुनर कर से रौंद दिया गये शहीद किसानों को याद करते हुए अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले न्यूज़ क्लिक से जुड़े पत्रकारों प्रवीर पुरकायस्थ, उर्मिलेश, प्रनजय गुहाठाकुरता, भाषा सिंह, अभिसार शर्मा के घरों में दिल्ली पुलिस के छापों का कड़ा विरोध करते हुए जोरदार विरोध कार्यवाहियां आयोजित की । ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के संयोजक धर्मराज महापात्र ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सभी संगठनों के सैंकड़ों कार्यकर्ता बाबा साहब अंबेडकर के प्रतिमा के समक्ष रायपुर में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किए । उल्लेखनीय है कि आज 3,अक्टूबर 2023, वर्ल्ड फेडरेशन आफ ट्रेड यूनियंस (WFTU), के स्थापना दिवस पर पूरी दुनिया में श्रमिक वर्ग तानाशाही, दमन के खिलाफ श्रम अधिकार के साथ कार्य और लोकतंत्र पर हमलों के विरुद्ध दुनिया भर में भी प्रदर्शन आयोजित किए । ऐसे ही दिन भारत में मोदी सरकार और उनके गृह मंत्री की इन काली करतूतों का रायपुर में जबरदस्त विरोध किया गया । प्रदर्शन के दौरान हुई सभा को सीटू राज्य सचिव धर्मराज महापात्र, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी, पी सी रथ, ईश्वर सिंह दोस्त, ट्रेड यूनियन नेता अतुल देशमुख, सुरेंद्र शर्मा, प्रदीप मिश्रा, राजेश अवस्थी, मनीष होनप ने प्रमुख रूप से संबोधित किया । सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार के जनता की आवाज पर दमन की तानाशाही प्रवृतियों की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि यह सरकार जो भी उनकी नीति पर सवाल करे या उनकी गलतियों का पर्दाफाश करे उसे यू ए पी ए कानून और दिल्ली पुलिस, ई डी या सी बी आई से डराना चाहती है यह कलम को उनके सामने नतमस्तक करने की और लोकतंत्र का गला घोंटने की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी । वक्ताओं ने एक स्वर से सभी पत्रकारों की रिहाई से मांग करते हुए  3 अक्टूबर 2021 के ही दिन लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्र द्वारा एक कार के माध्यम से पांच किसानों की बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी गयी थी जिसमें एक पत्रकार मनीष कश्यप की भी मौत हो गयी थी को सुनियोजित हत्या करार दिया और उस मंत्री के वर्खास्तगी की मांग की । विदित हो कि 26 नवम्बर 2020 को संयुक्त किसान मोर्चा तथा संयुक्त ट्रेड युनियनों ने तीन कृषि तथा चार श्रम कानूनों को वापस लेने का आंदोलन चलाया था जिसमें केन्द्र सरकार की किरकिरी हुई थी। उस आंदोलन की मांगों को याद दिलाने के लिए तिकोनिया चौराहा लखीमपुरखीरी पर किसानों ने प्रदर्शन किया था।प्रदर्शन से लौट रहे किसानों पर यह कार नाराज आशीष मिश्रा ने दौड़ाई थी जो टेनी के पुत्र हैं ने की थी।
सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि लखीमपुरखीरी के तिकोनिया कांड में मारे गये किसानों के आरोपियों को सख्त सजा दो।तथा आरोपी आशीष मिश्र के पिता, जिनके गृह मंत्री रहते हुए न्याय मिलना मुश्किल है, को मंत्री पद से हटाकर मुकदमा चलाया जाए। किसानों से किया  गया वादा , एम एस पी की गारंटी तथा फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम तय किया जाए। बिजली ( संशोधन ) विधेयक बिल 2022 की वापसी तथा किसानों पर हुए मुकदमें वापस लिए जाय  तथा
मृतकों के परिजनों को न्याय तथा पर्याप्त मुआवजा दिलाया जाय। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द किया जाय तथा पुराने श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाय। श्रमिकों को रूपये 26000/ प्रतिमाह न्यूनतम वेतन तथा इपीएस 95 में न्यूनतम रूपये 10000/ मासिक पेंशन दिया जाए। , पुरानी पेंशन नीति को बहाल किया जाय तथा सभी को समाजिक सुरक्षा हित लाभ दिया जाए। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का निजीकरण बंद किया जाए तथा नौकरियों का ठेकाकरण बंद करते हुए सरकारी क्षेत्र की बिक्री का एन एम पी योजना को रद्द किया जाए।
प्रर्दशन में ट्रेड यूनियन नेताविभाष पैतुंडी, उबेद खान, गजेंद्र पटेल, के के साहू, संदीप सोनी, आरिफ दहिया, डी सी पटेल, डी सी मजूमदार, राजू अथर्व अवस्थी, ईश्वर सेन, आदि प्रमुख रूप से शिरकत किए ।

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