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भोपाल स्थित वॉर मेमोरियल कोर हेडक्वर्टर में शहीद सेकंड लेफ़्टिनेंट राजीव पांडेय के शौर्य गाथा के डिस्प्ले बोर्ड का हुआ,अनावरण

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रायपुर: कारगिल विजय दिवस के दिन भोपाल में आर्मी के कोर हेडक्वर्टर स्थित वॉर मेमोरियल में छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र शहीद सेकंड लेफ़्टीनेंट राजीव पांडेय वीरचक्र सम्मानित के शौर्य गाथा का डिस्प्ले बोर्ड का अनावरण किया गया.।

102 (VC) ENGR REGT द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कोर कमांडर लेफ्टीनेंट जनरल विपुल सिंघल, पिता कर्नल आर पी पांडेय ,माता  शकुंतला पांडेय परिवार के अन्य सदस्य सहित आर्मी के अन्य अधिकारी गण एवं शहीद सेकंड लेफ़्टीनेंट राजीव पांडेय के आईएमए कोर्समेट उपस्थित थे।

शहीद सेकंड लेफ़्टीनेंट राजीव पांडेय को जून 1985 में कमीशंड मिलने के पश्चात पहली पोस्टिंग सियाचिन में मिली।सियाचिन विश्व का सबसे उच्चा युद्ध स्थल है वहाँ राजीव पांडेय को 21000ft की बर्फ की एक सीधी खड़ी दीवार जहां तापमान -30 से -50 डिग्री सेल्सियस तक रहता है वहाँ पाकिस्तानियों द्वारा क़ाबिज़ इस पोस्ट के लिए बेस्ट रूट खोजने के लिए एक पेट्रोलिंग टीम का लीडर बना कर भेजा गया था,29 मई 1987 को राजीव पांडेय और उनके दल ने अपना मिशन पूरा कर अटैक लॉंच के लिए आगे बढ़े और बंकर से लगभग 200-300मीटर पहले उनकी इस मूवमेंट की भनक पाकिस्तानियों को लग गई और उन्होंने अपने बंकर से हैवी फायर खोल दिया जिसमे सेकंड लेफ़्टीनेंट राजीव पांडेय और उनके अन्य साथी वीरगति को प्राप्त हुए।


ऐसे दुर्गम इलाक़े में उनके वीरता,साहस और बहादुरी के लिए उन्होंने वीरचक्र से नवाज़ा गया।
वो अविभाजित मध्यप्रदेश के पहले वीर थे जिन्हें वीरचक्र से सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य श्रेय उनके आईएमए के बैचमेट्स को जाता है जिनकी पहल पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।छतीस साल पहले साथ थे मगर आज भी इनको दिलो में राजीव की याद ताज़ा है। बाण्डिंग ऐसी की आज भी राजीव को याद कर उनकी आखें नाम हो जाती है
उनके एक कोर्समेट ने  बताया कि सिलेक्शन ऑफ़ कोर में तीन विकल्प रहते है और राजीव ने अपने तीनों विकल्प में इंफ़ैंटरी भरा था और एक सफल इंफ़ैंटरी मेन बन कर वीरगति को प्राप्त हुए ।

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