
रायपुर: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की रायपुर जिला समिति ने निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से की जा रही अवैध और मनमानी वसूली पर रोक लगाए जाने, फीस विनियामक समिति को प्रभावी बनाने और निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यापक जांच कराए जाने की मांग शासन से की है ।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिलाध्यक्ष गर्व गभने, जिला सचिव हर्ष धिंगानी और उपाध्यक्ष अल्पिका कन्नौजे ने उक्तशय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से मनमाने तरीके से अवैध फीस वसूली की जा रही है हॉस्टल फीस और मेस तथा ट्रांसपोर्ट फीस के नाम पर भारी भरकम रकम छात्रों से वसूली जा रही है। निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा खुलेआम कहा जा रहा है कि हॉस्टल में रहो चाहे न रहो हॉस्टल फीस देना ही पड़ेगा वरना आंतरिक परीक्षा में फेल किया जाएगा, उस पर तुर्रा ये कि निजी मेडिकल कॉलेजों के हॉस्टल की फीस 3 स्टार होटलों की फीस के समान है, हालात ये हैं कि रायपुर में ही रहने वाले छात्र रायपुर के मेडिकल कॉलेजों को हॉस्टल फीस के नाम पर सालाना 5 से साढ़े पांच लाख रुपए से अधिक की राशि अदा करने को मजबूर है ।
आश्चर्य की बात है कि ये सरेआम हो रहा है और शासन मौन है, इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य शिक्षा के बड़े अधिकारियों की भी अवैध फीस वसूली में मिलीभगत है।
ऐसी वसूली सिर्फ मेडिकल कॉलेजों में ही नहीं बल्कि नर्सिंग और फार्मेसी कॉलेजों में भी हो रही है
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाय और जिन लोगों को हॉस्टल की जरूरत नहीं उनके पालकों तथा बच्चों को यह राशि लौटाई जाए अन्यथा एसएफआई आंदोलन करने पर मजबूर होगी ।
एसएफआई ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य शिक्षा संचालनालय के भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों की शह के बिना निजि मेडिकल, नर्सिंग और फार्मेसी कॉलेजों द्वारा अवैध वसूली संभव नहीं है। संगठन ने सरकार से तत्काल इस संबंध में उचित निर्देश दिए जाने की मांग की है ।
एसएफआई जल्द ही इससे संबंधित ज्ञापन प्रदेश के कुलाधिपति महामहिम राज्यपाल को भी सौंपेगी और उचित कार्यवाही नहीं होने पर चरण बद्ध आंदोलन संगठित करेगी ।









