
रायपुर:चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सोशल मीडिया पर डॉक्टरों के स्टाइपेंड एवं मानदेय-वेतन में वृद्धि से संबंधित वायरल दस्तावेज़ का खंडन किया है। विभाग ने इसे भ्रामक, फर्जी और AI से तैयार दस्तावेज़ बताया है।
वायरल दस्तावेज़ में जूनियर रेजिडेंट, प्रदर्शक एवं चिकित्सा अधिकारियों के लिए ₹73,152 मासिक भुगतान और 1 नवंबर 2026 से संशोधित राशि लागू होने का दावा किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
चिकित्सक, चिकित्सा विद्यार्थी और नागरिक इस दस्तावेज़ पर विश्वास न करें और इसे आगे प्रसारित न करें। किसी भी शासकीय आदेश की पुष्टि केवल अधिकृत माध्यमों से करें।
भ्रामक खबरों से सावधान रहें। सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।








