
रायपुर:प्रदेश के ग्रामीण किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही अन्य व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन से ग्रामीणों की आजीविका से जोड़ा गया है। जिले में करीब 1,78,533 गौवंशीय एवं 12,776 भैंसवंशीय सहित कुल 1,91,309 पशुधन उपलब्ध है। जिले में वर्तमान में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय लगातार प्रगति पर है तथा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध का क्रय-विक्रय किया जा रहा है।
पशुधन विकास विभाग क जानकारी के अनुसार देवभोग दुग्ध महासंघ द्वारा जिले से प्रतिदिन लगभग 17 हजार 200 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निजी डेयरियों द्वारा भी किसानों से बेहतर दर एवं समय पर भुगतान कर बड़ी मात्रा में दूध खरीदा जा रहा है। निजी डेयरियों में हर्षन डेयरी सरायपाली द्वारा प्रतिदिन 6000 लीटर, शारदा डेयरी सरायपाली द्वारा 4000 लीटर, प्रगति डेयरी सरायपाली द्वारा 2000 लीटर, शारदा डेयरी पिथौरा द्वारा 4000 लीटर तथा गाया डेयरी महासमुंद द्वारा प्रतिदिन 1000 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इस प्रकार निजी डेयरियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 17 हजार लीटर दूध खरीदा जा रहा है। देवभोग दुग्ध महासंघ एवं निजी डेयरियों को मिलाकर जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय दुग्ध समितियों के माध्यम से किया जा रहा है, जो विगत वर्ष की तुलना में अधिक है।










