रायपुर:संबंधों व रिश्तों को निभाना कोई भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल से सीखे,वो भी सादगी व सहजता के साथ। छात्र नेता से विधायक,मंत्री और सांसद की कुर्सी तक वे पहुंच गए पर नहीं बदला तो उनका स्वभाव। पिछले दिनों उनकी दो तस्वीर सोशल मीडिया में साझा होते ही फिर वे चर्चा में शामिल हो गए कि इसीलिए तो वे सबके मोहन हैं..। एक तस्वीर है सोहागा मंदिर के कार्यक्रम का जहां वे ब्राम्हण समाज के सदस्यों के साथ पाटे पर ही बैठ गए और गपियाते हुए पुराने दिनों की याद ताजा करने लगे कि कैसे यहां से यूनिवर्सिटी चुनाव के लिए रणनीति बनती थी.जब शहर में बड़े वैवाहिक भवन नहीं थे अधिकांश शादी विवाह में शामिल होने वे सोहागा मंदिर आते थे और भी बहुत कुछ। दूसरी तस्वीर है पूर्व महापौर एजाज ढेबर के माताजी का शोक कार्यक्रम का जहां बृजमोहन अग्रवाल ने पहुंचकर परिवार के सदस्यों की बीच अपनी संवेदना व्यक्त की। जबकि राजनीति में वे कट्टर विरोधी माने जाते हैं। शहर ही नहीं बल्कि पूरे प्रांत में शासकीय कार्यक्रमों के साथ सुख व दुख के कार्यक्रम में शामिल होने का उनका नियमित प्रोटोकाल आज भी जारी होता है। भले दो-चार घंटे विलंब से पहुंचे लेकिन पहुंचते जरुर हैं।

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