जगदलपुर:बस्तर क्षेत्र के सुदूर अंचलों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इनमें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जो न केवल गांवों का विकास कर रही है बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बना रही है। कोंडागांव जिले के माकड़ी विकास खंड के छोटे से गांव गुमड़ी की रहने वाली राधा कश्यप इस बदलाव की जीती-जागती मिसाल हैं।
राधा कश्यप अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं, आज उनका परिवार खुशहाल जीवन जी रहा है। पर आज से पांच साल पहले परिस्थिति ऐसी नहीं थी। क्यूंकि राधा और उनका पति मुश्किल से दो वक्त की रोटी जुटा पाते थे। राधा का पति घर चलाने के लिए खेती करते थे और राधा का सारा समय घर के काम-काज और खेती कार्य में निकल जाता था। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी, लेकिन इन कठिन परिस्थितियों ने राधा के हौसले को कम नहीं किया।

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