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भाजपा राज में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी:कांग्रेस

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रायपुर:। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार में प्रदेश में स्वास्थ्य की व्यवस्था मजबूत हुयी है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई दीदी क्लीनिक, हमर अस्पताल, हमर लैब से मरीजों का बेहतर उपचार हो रहा है। 108 एंबुलेस में सुविधाये बढ़ी है, लाईव सपोर्ट सिस्टम लगा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल में सुवधिये बढ़ी है। प्रत्येक जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में विकसित किया गया है, सभी 146 ब्लाक के अस्पतालों में भर्ती की सुविधा चालू की गई है, छत्तीसगढ़ के 69 लाख परिवार डॉक्टर खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के दायरे में है जिसके अंतर्गत लाखों मरीजों का उपचार किया गया है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत चिन्हित बीमारियों के इलाज के लिए 25 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान करने वाला छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य। वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र के लिए मोहल्ला क्लीनिक, विभिन्न तरह की जांच सुविधा के लिए हमर लैब की स्थापना कर 120 तरह की जांच की सुविधा है। भूपेश सरकार में हमर अस्पताल योजना के अंतर्गत सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ओपीडी 42 तरह की जांच और 150 तरह की दवाइयां निशुल्क दी जा रही है। छत्तीसगढ़ के 26 जिला अस्पतालों में किडनी के मरीजों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा है। भूपेश सरकार में विगत 3 वर्ष में छत्तीसगढ़ में मातृत्व मृत्यु दर में 22 परसेंट की गिरावट आयी है। केंद्र सरकार के परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रदेश के 61 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक प्रमाण पत्र प्रदान किया है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व रमन सरकार के दौरान लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए रमन सरकार के दौरान स्वास्थ्य के मामले में देश मे छत्तीसगढ़ 21 राज्यों में 20वे नंबर पर था। इस दौरान स्मार्ट कार्ड घोटाला, जहरीली दवाओं से मौत,नसबंदी कांड, आंख फोड़वा कांड, गर्भाशय कांड, जैसे काले कांड हुये। अस्पतालों की दुर्दशा थी। प्रदेश के शासकीय अस्पताल रमन सरकार की उदासीनता के शिकार थे अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक चिकित्सक, तकनीकी स्टाफ नही थे। पूर्व रमन सरकार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सक, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ पद खाली थे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में चिकित्सा अमला उपलब्ध कराने में रमन सरकार अक्षम रही है। पूर्व के रमन सरकार के दौरान के मातृत्व मृत्यु दर में बीते 5 वर्षों में 22 अंकों की गिरावट आई 2016 से 2018 के बीच 159 एमएमआर वाले छत्तीसगढ़ का एमएमआर अब घटकर 137 पर पहुंच गया है प्रदेश में मातृत्व मृत्यु दर का अब तक का यह सबसे न्यूनतम आंकड़ा है।

 

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