रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार राज्य के सभी जिलों में जल संरक्षण एवं संचयन के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं इसी तारतम्य में बिलासपुर जिले में जल संरक्षण एव जल संचय के वृहद प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रशासन द्वारा मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर व्यापक कार्य किये जा रहे है। सुशाासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन कोटा ब्लॉक के ग्राम आमागोहन में हुआ था। ग्राम आमागोहन से ही भूजल स्तर बढ़ाने का प्रयास कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में शुरू किया गया।
मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत जिले में भूजल रिचार्ज की आधुनिक तकनीक इंजेक्शन वेल को तेजी से अपनाया जा रहा है। यह तकनीक गांव को जल संकट से निजात दिलाने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या है इंजेक्शन वेल तकनीक –
इंजेक्शन वेल एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर स्थित जल स्तर तक पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया पानी के भंडारण से अधिक प्रभावी होती है। क्योंकि यह भूजल को सीधे रिचार्ज करती है। जिससे हैंडपंप, कुएं और तालाब पुनः जलयुक्त हो जाते है। ग्राम अमागोहन, सोनपुरी में इंजेक्शन वेल तकनीक का उपयोग कर वर्तमान में सूखे तालाबों, पार्काेलेशन टैंक, डबरियों में इंजेक्शन वेल का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य से सतही जल एवं वर्षा जल को तालाब में जमा कर उसे फिल्टर करते हुए साफ पानी से भूजल स्तर को रिचार्ज किया जा रहा है।








