
रायपुर:ग्राम गोमची में पितृ पक्ष के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण में भाजपा किसान नेता एवं सर्व हिन्दू सनातन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश तिवारी शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने व्यास गद्दी पर विराजमान आचार्य राहुल जी महाराज के चरणों में प्रणाम कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों को सफल धार्मिक आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन के दौरान ग्राम गोमची में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। पितृ पक्ष में आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। योगेश तिवारी ने कहा कि पितरों की स्मृति और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हमारी सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि ग्राम के दिवंगत पूर्वजों की आत्माओं को शांति मिले और उन्हें भगवान के श्रीचरणों में स्थान प्राप्त हो। उन्होंने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, सरपंच ईश्वर यदु महेश निषाद, दीनदयाल निषाद,कमल निषाद,महेंद निषाद ,पंकज निषाद ,मन यदु,शिव कुमार निषाद,संजय निषाद,रूपेंद्र निषाद, सहित समस्त ग्रामवासियों को इस धार्मिक आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्राम में लगातार ऐसे धार्मिक एवं संस्कारपूर्ण आयोजन होते रहना समाज और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निषाद समाज का उल्लेख करते हुए भगवान श्रीराम और निषादराज के आत्मीय संबंध को भी याद किया। उन्होंने कहा कि निषादराज का भगवान श्रीराम के जीवन में विशेष स्थान रहा है माता-पिता की सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म उद्बोधन के दौरान योगेश तिवारी ने विशेष रूप से माता-पिता के सम्मान और सेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस धरती पर माता-पिता को भगवान का दर्जा दिया गया है। माता अपने गर्भ में नौ महीने रखकर संतान को जन्म देती है और माता-पिता जीवनभर अपने बच्चों के लिए त्याग और संघर्ष करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का पहला कर्तव्य अपने माता-पिता का सम्मान करना और उनकी सेवा करना है। उन्होंने कहा कि जिस घर में माता-पिता का सम्मान होता है, वहां संस्कार और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जीवन में माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त करें और जब तक वे साथ हैं, उनकी सेवा में कोई कमी न रखें। मां गोदावरी आनंदवन आश्रम के बुजुर्गों ने भी किया कथा श्रवण योगेश तिवारी ने बताया कि मेरे आश्रम मां गोदावरी आनंदवन आश्रम से आए बुजुर्ग माता-पिता ने भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उन्होंने कहा कि आश्रम के बुजुर्गों को कथा सुनने का अवसर मिलना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य श्री राहुल जी महाराज ने आश्रम पहुंचकर वहां निवासरत बुजुर्गों से मुलाकात की और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। योगेश तिवारी ने ग्राम गोमची से अपने आत्मीय जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वे गोमची को अपना गांव मानते हैं और यहां की मिट्टी से उनका गहरा लगाव है। उन्होंने कहा कि ग्रामवासियों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने का प्रयास रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां गोदावरी आनंदवन आश्रम के माध्यम से गोमची का नाम देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है और यहां बुजुर्ग माता-पिता की सेवा का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ग्रामवासियों से भी सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने “राधे-राधे”, “जय श्रीराम” और “जय-जय श्रीराम” के जयघोष के साथ भक्तिमय वातावरण बनाया। अंत में योगेश तिवारी ने आचार्य राहुल जी महाराज, आयोजन समिति, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों, समिति के सदस्यों एवं समस्त ग्रामवासियों को श्रीमद्भागवत कथा एवं श्रीराम जन्मोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।












