
रायपुर:राजधानी के श्री जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला में शारदीय नवरात्रि में विशेष पूजा अर्चना होगी।
यह जानकारी देते हुए आचार्य धर्मेंद्र महाराज ने कहा तैयारी जोरों से चल रही है।विश्व में एक मात्र स्फटिक मणिमय विग्रह
भगवती राजराजेश्वरी महात्रिपुर सुन्दरी ललिता प्रेमाम्बा महारानी का विश्व में एक मात्र स्फटिक मणिमय विग्रह बोरियाकला स्थित आश्रम में स्थापित है ,जो श्री विद्या की अधिष्ठात्री देवी है।
उन्होंने कहा ब्रह्मलीन पीठद्वयाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के अथक प्रयास से आज राजधानी रायपुर में श्री विद्या साधना का एक दिव्य स्थान है ।
आचार्य धर्मेंद्र महाराज ने जानकारी देते हुए कहा कि आश्रम प्रभारी यतिप्रवर दण्डी स्वामी डॉ इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में रात्रि काल विशेष नवरात्रि पूजन प्रतिदिन होगा। अखण्ड ज्योति स्थापना कल 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे होगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुभक्त उपस्थित होंगे। नवरात्रि के पर्व पर प्रतिदिन श्री यंत्र का नवावरण , प्रातः काल श्रंगार आरती समय 10:30
एवं रात्रि काल प्रथम आरती 8:10 बजे तथा महाआरती रात्रि 11:15 बजे सम्पन्न होगी।
उन्होंने कहा ऐसी मान्यता है कि माता राजराजेश्वरी महात्रिपुर सुन्दरी ललिता प्रेमाम्बा महारानी की साधना से सभी की मनोकामना पूर्ण होती हैं क्योंकि यह भोग एवं मोक्ष दोनों प्रदान करती है इनकी साधना के लिए सहस्त्र नाम पाठ विविध द्रव्यों से अर्चन हवन एवं मंत्र जाप से की जाती है। यह साधना नवरात्रि में विशेष फल प्रदान करने वाली होती है।








