
रायपुर:रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस पावन अवसर पर जब परिवार के बीच खुशियां बांटने की तैयारी हो, तब समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता इन खुशियों को और भी खास बना देती है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम हर्रा निवासी दीपलक्ष्मी राय के लिए इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व कुछ ऐसी ही खुशियां लेकर आया है। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि रक्षाबंधन से पहले उनके बैंक खाते में पहुंची, जिससे उनके परिवार में त्योहार को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है।
दीपलक्ष्मी बताती हैं कि रक्षाबंधन के अवसर पर परिवार के लिए राखी, मिठाई और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने की चिंता अब आसान हो गई है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे पर्व की तैयारियों में करेंगी। समय पर आर्थिक सहायता मिलने से वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व हंसी-खुशी और उत्साह के साथ मनाने की तैयारी कर रही हैं।
राखी की खुशियों में आर्थिक संबल का रंग
दीपलक्ष्मी के लिए महतारी वंदन योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जरूरत के समय मिलने वाला भरोसे का सहारा है। उनका कहना है कि नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सुविधा होती है। परिवार की आवश्यकताओं में आर्थिक योगदान देने का अवसर मिलने से महिलाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि त्योहारों के समय घर की जरूरतें सामान्य दिनों की अपेक्षा बढ़ जाती हैं। ऐसे में योजना की राशि से जरूरी सामान की खरीदारी करने में मदद मिलती है। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से इस बार वे अपने परिवार के साथ पर्व को लेकर अधिक उत्साहित हैं।
“समय पर मिली राशि ने बढ़ाई त्योहार की खुशी”
दीपलक्ष्मी राय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को मजबूत करने वाला पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा एवं सम्मान का संकल्प लेता है। ऐसे अवसर पर आर्थिक सहायता मिलने से त्योहार की तैयारियां और भी सहज हो जाती हैं।









