
रायपुर:सौर ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा है और छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ भी सौर ऊर्जा की अपनी अपार संभावनाओं का उपयोग करते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूती दे रहा है। प्रदेश में मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ सोलर वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, वेंडर्स, बैंकिंग संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाने वाला यह अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है। अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभव और सुझावों का यह सार्थक संवाद छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा के विस्तार को नई गति देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऊर्जा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में पहले से ही मजबूत स्थिति में है और वर्तमान में प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में लगभग ₹3 लाख 50 हजार करोड़ के एमओयू हुए हैं, जिनसे आने वाले समय में लगभग 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन क्षमता विकसित होने की संभावना है।








