
रायपुर: छत्तीसगढ़ तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीएसडब्ल्यूओ)] रायपुर द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) का आयोजन बड़े उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वर्ष 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून को विश्वभर में मनाया जा रहा है। आयुष मंत्रालय द्वारा विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के समन्वय से इस वर्ष 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) विषय-वस्तु के अंतर्गत “सम्पूर्ण शासन दृष्टिकोण” (Whole of Government Approach) को अपनाते हुए समाज के सभी वर्गों में स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में लगभग 13 अधिकारियों] 80 पूर्व सैनिकों (ईएसएम), पूर्व सैनिक वीर नारियों तथा उनके परिवारजनों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति ने यह दर्शाया कि वे योग को शारीरिक स्वास्थ्य,मानसिक संतुलन तथा अनुशासित जीवनशैली प्राप्त करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने के प्रति सजग एवं उत्साहित हैं।
योग के महत्व एवं लाभों को रेखांकित करने हेतु एक विशेष काव्य-पाठ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग के दैनिक जीवन में महत्व को दर्शाने वाली प्रेरणादायक रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात राजकीय सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ के निदेशक कमोडोर अजय सिंह बिसेन (सेवानिवृत्त) द्वारा योग के महत्व पर एक ज्ञानवर्धक संबोधन दिया गया। इसके उपरांत प्रख्यात योग गुरु श संजय शर्मा के मार्गदर्शन में योग सत्र आयोजित किया गया।जिसमें प्रतिभागियों को विभिन्न योगाभ्यास कराए गए। इन अभ्यासों का उद्देश्य शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक दृढ़ता तथा समग्र कल्याण को बढ़ावा देना था।
निदेशालय एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय रायपुर के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्यवर्धक अल्पाहार वितरित किया गया।
इसी के साथ छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों द्वारा भी अपने-अपने जिलों में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।यह आयोजन राजकीय सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ तथा जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों की योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य, सौहार्द एवं जनकल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करता है।












