रायपुर:यूँ तो धूर साय की उम्र अस्सी साल है,लेकिन इनकी जिंदगी में बीते दिनों के मुसीबतों की कहानियां अनगिनत है। घने जंगल के बीच समय के साथ कई मुसीबतें आई और गई…लेकिन बारिश के दिनों में आने वाली मुसीबतों से उन्हें कभी छुटकारा नहीं मिल पाता था। जब भी बारिश का मौसम आता..धुरसाय सहित पूरा परिवार तैयारी में जुट जाता..सभी काम छोड़कर घर के खपरैलों को निकालता और सफाई कर फिर से जमाता..ठीक करता। धुरसाय अपनी ओर से तो पूरी कोशिश करता लेकिन बारिश तो बारिश ही थीं.. कब मौसम बदले और कब बरस जाएं.. कुछ कहा नहीं जा सकता था..। मौसम के बदलाव के साथ बारिश हर बार धुरसाय के खपरैल वाले कच्चे मकान के लिए मुसीबत बनकर ही बरसती थी। खपरैलों को ठीक करने के बाद भी वह बारिश के कहर से नहीं बच पाता था। एक दिन उन्हें भी मालूम हुआ कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनका भी पक्का मकान बन सकता है तो उन्होंने देर नहीं की। आखिरकार पात्रता के बाद धूर साय को पीएम आवास मिला तो उनके खुशी का ठिकाना न रहा,क्योंकि एक लंबे अरसे बाद उन्हें कच्चे मकान के साथ ही खपरैल पलटने से भी मुक्ति मिल गई।

ब्रेकिंग
- कोसा की चमक अब वैश्विक बाजार तक : मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया छत्तीसगढ़ का प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब
- विशेष लेख:श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता: छगन लाल लोन्हारे
- 8 से 9 अगस्त तक रायपुर में होगा, रोमांचक मुकाबला, 6 वर्गों में प्रदेश के 62 खिलाड़ी दिखाएंगे दम
- बिल्ववृक्ष साक्षात महादेवस्वरूप – डॉ स्वामी इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज
- स्मार्ट मीटर बना बिजली उपभोक्ताओं का भरोसेमंद साथी








