
रायपुर: भाजपा द्वारा कांग्रेस के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव लाये जाने के मुख्यमंत्री के बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा को निंदा प्रस्ताव लाना है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ और केन्द्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव ले आये। भाजपा एक ऐसा विधेयक जो संसद के दोनो सदनों में पारित हो गया है तथा जिस पर राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिया तथा वह कानून का रूप ले चुका है। उस पर झूठ बोल कर भ्रम फैला रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू नहीं करने के लिये मुख्यमंत्री मोदी की दुर्भावना के लिये निंदा प्रस्ताव ले आये।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महिलाओं को आरएसएस भाजपा में लंबे समय तक उपेक्षित रखने तथा उनके बारे में दोयम दर्जे का विचार रखने के लिये आरएसएस एवं भाजपा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव आना चाहिये। कांग्रेस ने इस देश की पहली महिला मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति और पहली लोकसभा अध्यक्ष से लेकर अनेक अवसर दिया। भाजपा ने तो केवल महिलाओं का अपमान किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में दुर्भावना पूर्वक लाए गए परिसीमन बिल के गिरने को लेकर सरकार भ्रम फैलाने विधानसभा में कथित निंदा प्रस्ताव लाकर “झूठ का नया प्रपंच“ रच रही है। इवेंटजीवियों भाजपाइयों का राजनैतिक पाखंड देश और प्रदेश की महिलाएं समझ चुकी है। महिला आरक्षण सितंबर 2023 में ही सर्व सम्मति से पास हो चुका है, जिसे 31 महीने तक लटकाए रखने के बाद विगत 16 अप्रैल 2026 को रात को 9ः55 पर सरकार ने अधिसूचना जारी किया, जनगणना और परिसीमन की बाध्यता के नाम पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के लाभ को अनिश्चित काल तक रोक रखने का पाप तो केंद्र की मोदी सरकार ने रोक रखा है। वर्तमान 543 सीटों पर एक तिहाई 182 सीटों पर तत्काल महिला आरक्षण लागू करे सरकार, आगे जिस अनुपात में सीटें बढ़ेंगी उस संख्या पर 33 प्रतिशत बढ़े लेकिन काल्पनिक आधार पर बहानेबाजी क्यों? क्या साय सरकार विशेष सत्र बुलाकर मोदी सरकार के राजनैतिक पाखंड पर निंदा प्रस्ताव पास करेगी? क्या निंदा परिसीमन बिल के षड्यंत्र पर लाएगी सरकार?







