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शंकराचार्यआश्रम में चतुष्षष्टि योगिनियों की प्राण प्रतिष्ठा तथा शतचंडी यज्ञ का आयोजन भी आज से प्रारंभ

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रायपुर:ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी  स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के द्वारा स्थापित बोरियाकला शंकराचार्यआश्रम में दिनांक 27/5 /23 से 29/5/ 23 तक चतुष्षष्टि योगिनियों की प्राण प्रतिष्ठा तथा आश्रम परिसर में नवनिर्मित क्रमशः तीन मंदिरों में गणेश जी, हनुमंत लाल जी, एवं भैरव जी के श्री विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराने के लिए परमाराध्य परम धर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर  अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज एवं पश्चिमाम्नाय द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं ब्रह्मचारी  सुबुद्धानन्द अध्यक्ष राजराजेश्वरी सेवा ट्रस्ट कोन्नगर कोलकाता, सचिव उभय पीठ, कालभैरव तंत्राचार्य सहारनपुर आदि विशिष्ट संत पधार रहे हैं।

यह जानकारी देते हुए शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज ने बताया कि शतचंडी यज्ञ का आयोजन भी आज से प्रारंभ हो चुका है, परमहंसी गंगा आश्रम नरसिंहपुर से आचार्य श्रीराजेंद्र प्रसाद शास्त्री के साथ आये हुए श्री विद्या साधकों के समूह ने यज्ञ के प्रथम दिन का कार्य संपन्न किया ।
शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख डॉ. इन्दुभवानन्द महाराज ने बताया कि छत्तीसगढ़ की धरा का अत्यंत सौभाग्य है,कि पहली बार चतुष्षष्टि योगिनियों की प्राण प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला नामक स्थान में होने जा रही है यह भारत में संभवतः दूसरा अथवा तीसरा स्थान है जहां चतुष्षष्टि योगिनियों के दर्शन का अवसर मिलेगा अन्य दो जगहों पर भी पूज्य पाद  ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी  स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज ने चतुष्षष्टि योगिनियों की स्थापना की है, तथा दो दो पीठों के आचार्यों के दर्शन, पूजन, तथा उनकेश्रीमुख से निकलने वाली अमृतमयी वाणी का लाभ प्राप्त होगा है, यह भी अभूतपूर्व संयोग है छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार दो शंकराचार्य का समागम एक ही स्थान में होने जा रहा है।
तीनों दिन लगातार यज्ञ का दर्शन पूजन का दर्शन, संतों का दर्शन व प्रवचन का लाभ तथा सायंकाल विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी संपन्न होने जा रहा तथा भगवान आदि शंकराचार्य के जीवन चरित्र को रेखांकित करते हुए भी नाटक का भी अभिनय इस कार्यक्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजन समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पधार कर लोगों को धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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