
दिल्ली:सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में आज छत्तीसगढ़ समेत देशभर के ग्रामीण, आदिवासी और श्रमिक परिवारों की उस परेशानी को मजबूती से उठाया, जिसका सामना वे राशन लेते समय अक्सर करते हैं।उन्होंने कहा’वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना का उद्देश्य हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाना है, लेकिन कई जगह बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने, इंटरनेट और सर्वर की समस्या जैसी तकनीकी बाधाओं के कारण पात्र हितग्राहियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तकनीकी दिक्कतें किसी गरीब परिवार के भोजन में रुकावट नहीं बननी चाहिए।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब आइरिस स्कैन, फ्यूजन फिंगर, आधार आधारित OTP और फोटो सत्यापन जैसे वैकल्पिक प्रमाणीकरण के माध्यम उपलब्ध हैं। साथ ही, दूरस्थ और वन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या को देखते हुए ई-पीओएस मशीनों में ऑफलाइन सुविधा भी सुनिश्चित की गई है, ताकि नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वतः सिंक्रोनाइज़ हो सके।उन्होंने कहा हमारा संकल्प स्पष्ट है—हर पात्र व्यक्ति को बिना किसी बाधा, बिना किसी भेदभाव और बिना किसी देरी के उसका अधिकार मिले। गरीब का राशन उसकी थाली तक पहुँचे, यही हमारी प्राथमिकता है।








