रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले का पारंपरिक सुगंधित विष्णुभोग चावल आज प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। प्राकृतिक खेती, उत्कृष्ट गुणवत्ता और आकर्षक ब्रांडिंग के कारण विष्णुभोग चावल अब जीपीएम जिले की नई पहचान बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार स्थानीय कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धन, आधुनिक विपणन और ब्रांडिंग से जोड़कर किसानों को बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रही है। इसी सोच का परिणाम है कि जीपीएम जिले का पारंपरिक विष्णुभोग चावल आज किसानों की समृद्धि और महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन चुका है।
जिले के पेंड्रा क्षेत्र में लगभग 1,500 किसान करीब 600 एकड़ भूमि पर विष्णुभोग धान की खेती कर रहे हैं। अपनी मनमोहक सुगंध, बेहतरीन स्वाद और पौष्टिक गुणों के कारण यह धान उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनती जा रही है। किसानों द्वारा प्राकृतिक और पारंपरिक पद्धति से की जा रही खेती ने इसकी गुणवत्ता को और अधिक विशिष्ट बनाया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ-साथ जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिल रही है।









