
रायपुर:मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने और आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में हाथियों के प्रति वैज्ञानिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर वनमण्डल द्वारा गजरथ यात्रा-2026 का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान हाथी प्रभावित संवेदनशील (येलो ज़ोन) क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है, जहां वन विभाग की टीमें विद्यालयों और गांवों में पहुंचकर हाथियों के व्यवहार, उनके प्राकृतिक आवास तथा सुरक्षित सहअस्तित्व के संबंध में जानकारी दे रही हैं। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में आयोजित गजरथ यात्रा के दौरान वन परिक्षेत्र तपकरा के 15 विद्यालयों के 1,542 विद्यार्थियों को हाथियों की जैविक एवं व्यवहारिक विशेषताओं, उनके प्राकृतिक आवास, भ्रमण मार्ग, भोजन एवं जल स्रोत, झुंड की संरचना तथा मानव-हाथी सहअस्तित्व से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी गई थी। विद्यार्थियों को हाथियों के विचरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित व्यवहार और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।
इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए। स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों में हाथियों के प्रति जागरूकता एवं संवेदनशीलता बढ़ी। हाथियों के विचरण की समय पर सूचना साझा करने, अफवाहों से बचने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसी आदतों का विकास हुआ, जिससे मानव-हाथी द्वंद की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली।







