
रायपुर:जल भराव का संकट : #मुख्य कारण और समाधान
1. जल भराव की समस्या काफी हद तक मानव-जनित है।
बारिश के पानी के सड़कों और गलियों में भरने का एक बड़ा कारण यह है कि ज्यादातर #दुकानों और मकानों के सामने की नालियाँ ढक दी गई हैं अथवा #बंद कर दी गई हैं।
2. भवन निर्माण में गलत #ढाल (slope) भी प्रमुख कारण है।
ज्यादातर स्थानों पर मकान/दुकान के सामने का हिस्सा #ऊँचा कर दिया जाता है और पूरा ढाल #सड़क की ओर कर दिया जाता है, जिससे वर्षा का #पानी नाली में जाने के बजाय सड़क पर #बहता है…।
3. नालियों में कचरा और गंदगी भी समस्या है, इसे स्वीकार करना होगा।
यह सफाई और नियमित निगरानी का विषय है, जिस पर पार्षद साथियों और जोन कमिश्नर को विशेष ध्यान देना चाहिए।
4. लेकिन मूल समस्या केवल #सफाई की नहीं, जल निकासी #व्यवस्था की भी है।
यदि #बारिश का पानी नाली के #स्रोत तक ही नहीं पहुँच पा रहा है, नालियाँ बंद हैं या पानी के #प्रवेश का रास्ता ही #अवरुद्ध है, तो यह #नागरिकों की भी जिम्मेदारी है साथ ही #जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, निगम कर्मचारियों, इंजीनियरों और #जोन प्रशासन — सभी की सामूहिक #लापरवाही मानी जाएगी।
5. #विशेष अभियान चलाया जाए।
जोन कमिश्नर, संबंधित इंजीनियर, पार्षद और जनप्रतिनिधि मिलकर ऐसे सभी मकानों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की पहचान करें जहाँ:
#नालियाँ ढकी या बंद की गई हैं या #गार्डन निर्माण हैं,
जहाँ प्राकृतिक बहाव रोका गया है….,
सड़क की ओर ढाल बनाकर #जल निकासी बाधित की गई है।
6. ऐसे मामलों में आवश्यक कार्यवाही की जाए , #वोट और संबंध की राजनीति ना हो।
यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश का पानी #सड़क पर न बहे, बल्कि व्यवस्थित रूप से #नाली तक पहुँचे।
7. मुख्य मार्गों और चौड़ी सड़कों पर भी तकनीकी खामियाँ दूर की जाएँ।
कई बड़े मार्गों पर #फुटपाथ तो बना दिए गए हैं, लेकिन वर्षा जल को नाली तक पहुँचाने की पर्याप्त #व्यवस्था नहीं की गई है। यह गंभीर तकनीकी कमी है, जिसे तत्काल सुधारा जाना चाहिए।
8. इंजीनियरों की तकनीकी जवाबदेही तय हो।
मैदानी स्तर पर निरीक्षण के दौरान यह देखा गया है कि कई स्थानों पर #तकनीकी दृष्टि से कार्यों की उचित निगरानी नहीं हो रही है। बारिश से पहले मुख्य बाजारों, प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों के मार्गों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
9. अवैज्ञानिक तरीके से बंद की गई नालियों को खोला जाए।
जहाँ-जहाँ नालियाँ गलत तरीके से ढकी, बंद या अवरुद्ध कर दी गई हैं, वहाँ तत्काल कार्रवाई कर उन्हें खोला जाए और सड़क से पानी को नाली की ओर जाने का मार्ग बनाया जाए।
10. जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जाए।
लोगों को समझाया जाए कि जल निकासी रोकना केवल निजी सुविधा का विषय नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की समस्या का कारण बनता है।
उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि व्यवस्था सुधारना होना चाहिए।
11. आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन सख्त रुख अपनाए।
यदि समझाइश के बाद भी सुधार नहीं होता है, तो जनहित में प्रशासन को कठोर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
12. कुछ लोगों की सुविधा के कारण पूरे क्षेत्र को कष्ट न हो।
यह सुनिश्चित किया जाए कि 10 लोगों की मनमानी के कारण 1000 नागरिकों को जल भराव, गंदगी और आवागमन की समस्या न झेलनी पड़े।
(मनोज शुक्ला)





