
रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत नीमगांव जल संरक्षण की अभिनव पहल के कारण एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। यहां मनरेगा और जनभागीदारी के माध्यम से वर्षा जल संचयन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे जल उपलब्धता बढ़ने के साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिल रही है।
ग्राम पंचायत नीमगांव के सरपंच नागेंद्र भगत के नेतृत्व में गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया है। ग्राम पंचायत में अब तक कुल 2587 कंटूर ट्रेंच का निर्माण किया गया है। ये संरचनाएं पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में बनाई गई हैं, जिनका उद्देश्य वर्षा जल के बहाव को नियंत्रित कर उसे भूमि में समाहित करना है। इससे मिट्टी का कटाव रुकने के साथ भू-जल स्तर में भी सुधार हो रहा है।
सरपंच नागेंद्र भगत ने बताया कि कंटूर ट्रेंच में वर्षा का पानी एकत्रित होकर धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा गांव में 5 प्रतिशत मॉडल के तहत खेतों के किनारों पर विशेष संरचनाएं विकसित की गई हैं, जिनमें वर्षा जल संग्रहित होकर खेतों की नमी बनाए रखने में सहायक होता है। इससे किसानों को फसलों की बेहतर वृद्धि और उत्पादन में लाभ मिल रहा है।









