रायपुर : .छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन संचालित विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर के शिक्षाविभाग एवं कंप्यूटर विभाग द्वारा “शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेश” विषय पर दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस विप्र महाविद्यालय और शासकीय के. आर डी महाविद्यालय नवागढ़ बेमेतरा, महंत -लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय रायपुर एवं वीतराग रिसर्च फाउंडेशन के संयुक्त तत्त्वावधान में संपन्न हुआ।
समापन समारोह मुख्य अतिथि प्रो. कलोल के घोष( विभाग अध्यक्ष डिपार्टमेंट ऑफ़ केमिस्ट्री प.रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता प्रो. रीता वीणु गोपाल (डिपार्टमेंट ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन प.रवि शंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में विप्र शिक्षण समिति के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ,शा.के. आर. डी . महाविद्यालय नवागढ़ के प्राचार्य डॉ. गिरीश कांत पांडे एवं महन्त कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर प्रोफेसर कलोल के घोष ने कहा कि ए आई वरदान है या श्राप, यह हमारी उपयोगिता पर निर्भर करता है। मनुष्य अगर इसे समाज और राष्ट्र के लिए उपयोग करें ।अपने जीवन को आसान बनाने के लिए उपयोग करें ।तो यह हमारे लिए वरदान होगा। ए आई को कितना भी विकसित क्यों न कर ले, पर मनुष्य की संवेदना विकसित नहीं कर सकते। इसलिए भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति ही भविष्य में ए आई जैसे तकनीक भारत के लिए वरदान साबित हो सकता है। पंचांग सबसे बड़ा डाटा साइंस है, संस्कृत के बिना कुछ भी नहीं हो सकता । हमें जो विरासत में मिला है उसे लेकर आज के तकनीक का उपयोग करें। तो आने वाले समय में भारत के बच्चों का भविष्य उज्जवल है। इस अवसर पर प्रो. रीता वेणु गोपाल ने फिजिकल एजुकेशन में ट्रेनिंग प्रोग्राम और फिटनेस डेवलपमेंट के लिए ए आई जैसे तकनीक के उपयोगिता के बारे में बताया।
उपरोक्त जानकारी देते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य डॉ.मेघेश तिवारी ने बताया कि इसके पूर्व प्रथम तकनीकी सत्र के प्रमुख वक्ता डॉ .राजेंद्र नाथ बाबू(एसोसिएट प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ़ एजूकेशन नागालैंड यूनिवर्सिटी ) ने ए आई लर्निंग पर चर्चा की। द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता डॉ पुष्कर दुबे (मैनेजमेंट सह प्राध्यापक विभाग अध्यक्ष मैनेजमेंट पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर) ने अपने वक्तव्य में नेशनल पॉलिसी 1986 और नप 2020 फ्यूचर का हायर एजुकेशन इन कंट्री और इग्नू के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने फ्लिप्ड क्लासरूम, स्वयं पोर्टल, वीडियो अपलोड ,लर्निंग ऑनलाइन, लर्निंग यूजीसी के विभिन्न प्रकार के लर्निंग प्लेटफॉर्म ,डिस्टेंस एजुकेशन और रोल ऑफ़ टीचर इन फ्लिप्ड क्लासरूम टीचिंग लर्निंग के बारे में बताया ।उन्होंने वीडियो लेक्चर का प्रिपरेशन ,क्विज फीडबैक आदि की जानकारी दी ।
इस अवसर पर पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें सभी से प्राप्त रिसर्च पेपर की प्रोसिडिंग है। साथ ही शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्राध्यापकों और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। दोनों सत्र हेतु आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ दिव्या शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर समस्त प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित थे।












