रायपुर:ब्राह्मण समाज द्वारा विप्र भवन समता कालोनी में सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा के प्रमुख,प्रकाण्ड विद्वान,वेदों के ज्ञाता तथा अंचल के प्रसिद्ध कथावाचक दण्डी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद: सरस्वती महाराज जी का राजधानी में पहली बार श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित जी के द्वारा कलयुग का निग्रह, परिक्षित जी को श्राप तथा शुकागमन आदि की कथा की।

द्वितीय दिवस की कथा में पूज्य दंडी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी ने भगवत भक्तो को वैकुंठधाम की महत्ता दश विध श्रृष्टि वर्णन श्री परीक्षित का उत्तरा के गर्भ में रक्षा तथा परिक्षित जन्म की कथा बताए।
ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में अपने पितरों के कल्याण तथा स्वजनों की स्मृति में 21 यजमान सामुहिक रूप से परिवार सहित शामिल हैं।विप्र भवन में सुबह प्रमुख आचार्य पंडित रवि शास्त्री, पंडित खिलेश्वर,तरुण मिश्रा सहित आचार्यों द्वारा वेदीपूजा संपन्न की गई।सपाद लक्षेश्वर धाम, सलधा में निर्माणाधीन सवा लाख शिवलिंग की स्थापना के लिए बड़ी संख्या में भक्तों ने अपने पूर्वजों एवं स्वजनों की स्मृति में 5100/- की राशि दान की।
कथा श्रवण में प्रमुख रूप से मिश्रीलाल पाण्डेय,सुनील शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला,लेखमणि पाण्डेय,प्रदीप दुबे, सूर्य कुमार शर्मा,दामोदर शर्मा,डॉ कैलाश शर्मा, विभा तिवारी,प्रिया अनुराग दीवान,सुनीता शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।










