भोपाल: उज्जैन में स्थित के गर्भगृह में भस्म आरती के दौरान आज आग लग गई, जिसे बुझा लिया गया. इस हादसे में पुजारी समेत 14 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की हालत गंभीर है. बताया जा रहा है कि गर्भगृह की दीवार और छत पर चांदी की परत चढ़ी हुई है. होली पर बाबा महाकाल गुलाल चढ़ाया जाता है वह पुजारी भी एक-दूसरे पर रंग डालते हैं. इन रंगों से गर्भगृह की दीवार खराब न हो इसलिए शिवलिंग के ऊपर इस वर्ष प्लास्टिक का फ्लेक्स लगाया गया था.गर्भगृह में एक-दूसरे पर रंग डालने के दौरान गुलाल आरती की थाल में जल रहे कपूर पर गिर गया जिससे कपूर भभका और फ्लैक्स ने आग पकड़ ली, हालांकि आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया गया. घटना की जानकारी देते हुए उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया और घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. हादसे के वक्त सीएम डॉ. मोहन यादव के पुत्र वैभव और बेटी डॉक्टर आकांक्षा नंदी हाल में बैठकर बाबा की आराधना कर रहे थे.
आरती के दौरान मंदिर हजारों श्रद्धालु मौजूद थे. सभी होली खेल रहे थे. घायल सेवक ने बताया कि आरती कर रहे पुजारी पर पीछे से किसी ने गुलाल डाला. गुलाल दीपक पर गिरा. गुलाल आरती के लौ पर पड़ते ही आग भड़क गई. उधर रंग-गुलाल से गर्भगृह की चांदी की दीवार को बचाने के लिए वहां फ्लैक्स लगाए गए थे. देखते ही देखते आग इनमें लग गई और फैल गई. हालांकि कुछ लोगों ने फायर एक्सटिंग्विशर से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गर्भगृह में आरती कर रहे संजीव पुजारी, विकास, मनोज, सेवाधारी आनंद कमल जोशी समेत 13 लोग झुलस गए.










