
रायपुर:छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव इन दिनों उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक विविधता के रंगों से सराबोर है। यहां छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, परंपराओं, हस्तशिल्प और विकास की उपलब्धियों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और खान-पान की झलक भी देखने को मिल रही है।
राज्योत्सव का परिसर ऐसा जीवंत संगम बन गया है, जहां अलग-अलग प्रदेशों की पहचान, परंपराएं और स्वाद एक-दूसरे से मिल रहे हैं। इसी रंगीन माहौल के बीच राजस्थान के कोटा से आए नीरज शर्मा का स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उनके स्टॉल से उठती राजस्थानी व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच रही है।
एक थाली में राजस्थान की परंपरा और स्वाद
नीरज शर्मा के स्टॉल पर राजस्थान के पारंपरिक और लोकप्रिय व्यंजन दाल-बाटी-चूरमा के साथ जोधपुर की मशहूर प्याज कचौरी का स्वाद चखने को मिल रहा है। घी से सजी सुनहरी बाटी, पारंपरिक मसालों से तैयार दाल और मिठास से भरपूर चूरमा राजस्थानी खान-पान की समृद्ध परंपरा का परिचय देते हैं। वहीं कुरकुरी परत और मसालेदार प्याज की भरावन वाली कचौरी अपने चटपटे स्वाद से लोगों का मन मोह रही है।
राज्योत्सव घूमने आने वाले परिवार, युवा और बुजुर्ग इन व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। कई लोग जहां पहली बार राजस्थानी स्वाद का अनुभव कर रहे हैं, वहीं राजस्थान के व्यंजनों से परिचित लोग अपने पसंदीदा स्वाद को पाकर खासे उत्साहित नजर आते हैं।









