
रायपुर:विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की अंतिम रस्मों के साथ आज आस्था, परंपरा और जनभागीदारी के इस अनूठे महापर्व का समापन गया है। जयकारों और श्रद्धा के बीच मां दंतेश्वरी की पावन डोली को जगदलपुर से विदाई देकर दंतेवाड़ा रवाना किया गया। बस्तर की माटी में रची-बसी सदियों पुरानी परंपरा एक बार फिर अपनी अमिट छाप छोड़ गई।
मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर सहित पूरा छत्तीसगढ़ सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण रहे।









