
बालोद:जिले में संभावित बाढ़, अतिवृष्टि, आंधी-तूफान, वज्रपात (बिजली गिरने) और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से नागरिकों व विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। आंधी-तूफान, भारी बारिश या बिजली गिरने की स्थिति में बच्चों को खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर भवनों से दूर रखा जाए। बाढ़ प्रभावित गांवों के स्कूलों को आवश्यकता पड़ने पर बंद करने और जलमग्न मार्गों से बच्चों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित करने के निर्देश हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा दल मुस्तैद
आगामी चक्रवात और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और स्टाफ की टीम को नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सड़कों पर बैरिकेडिंग और यातायात सुरक्षा
लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आने वाले प्रमुख मार्गों, पुल-पुलियों और नालों के ऊपर पानी बहने की स्थिति में बांस-बल्लियों से आवश्यक बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि लोग वहां से न गुजरें। आंधी-तूफान के कारण सड़क पर पेड़ गिरने की स्थिति में उनकी तुरंत कटाई-छंटाई कर आवागमन चालू कराया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज और जलभराव से राहत
सभी नगरीय निकायों को नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचली बस्तियों और संवेदनशील स्थानों पर जलभराव होने पर वहां के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाएगा।









