
जगदलपुर : 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर मंथन करेंगे।
सम्मेलन में एम-पैक्स, दुग्ध समितियों, डिजिटल सेवाओं, भंडारण क्षमता, सहकारी बैंकिंग और उर्वरक वितरण को मजबूत करने के साथ अगले तीन महीनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
छत्तीसगढ़ सम्मेलन में अपनी सहकारिता उपलब्धियां साझा करेगा। प्रदेश में अब तक 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। वहीं 2,058 एम-पैक्स में माइक्रो एटीएम से ₹324 करोड़ से अधिक के लेनदेन हो चुके हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
सुशासन सरकार सहकारिता को ग्रामीण विकास, किसान सशक्तिकरण और स्थानीय रोजगार का मजबूत माध्यम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।








