
रायपुर:माँ गोदावरी आनंद वन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति, उल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा आनंद वन भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
पावन पर्व पर भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। आनंद वन परिवार के सदस्यों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। शाम को आयोजित भव्य भजन संध्या में आनंद वन के सभी सदस्यों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी के भजनों की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति में झूमते हुए नजर आए। जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान मटकी फोड़, जलेबी दौड़ सहित विभिन्न पारंपरिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में आनंद वन परिवार के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मटकी फोड़ एवं जलेबी दौड़ ने विशेष रूप से सभी का मन मोह लिया और पूरे परिसर में उत्साह एवं आनंद का माहौल बना रहा।ट्रस्टी कल्पना योगेश तिवारी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं इस अवसर पर माँ गोदावरी आनंद वन की ट्रस्टी श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि— “भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, सेवा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। माँ गोदावरी आनंद वन में हम सभी पर्व-त्योहारों को मिल-जुलकर मनाते हैं। जन्माष्टमी का यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, भाईचारे और अपनत्व को मजबूत करने का अवसर भी है। हमारी कामना है कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा सभी पर बनी रहे और हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि एवं प्रेम का वास हो।” उन्होंने कहा कि आनंद वन में रहने वाले सभी सदस्य एक परिवार की तरह मिलकर त्योहारों का आनंद लेते हैं। यही प्रेम, सेवा और भाईचारा माँ गोदावरी आनंद वन की सबसे बड़ी पहचान है। शामिल हुए मां गोदावरी आनंद वन ट्रस्टी कल्पना योगेश तिवारी जी ,आश्रम प्रबंधक डॉ सीपी सेन जी,संगीता सेन,मनीष तिवारी,प्रियांशु सिंह,दिलीप सिंह,बृजेश सिंह, शान्ति लाल जैन, सन्त सिन्हा,संजय प्रजापति,मुनेश,अश्वनी,पूनम,भूपेंद्र साहू,हीरा शर्मा,लक्ष्मी चौबे,मनोज गुप्ता,पुष्पा राठौर,सुधीर जोशी,सुनीता वर्मा,विनोद,एवं आश्रम के सभी बुजुर्गों गण एवं स्टाप शामिल हुए। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का यह पावन आयोजन भक्ति, प्रेम, सेवा, भाईचारे और आनंद का सुंदर संगम बन गया। पूरे आयोजन के दौरान “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से आनंद वन परिसर गूंजता रहा।








