
रायपुर:संस्कृति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देशानुसार गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर से पहुंचे चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने जिले के प्रमुख पुरातात्विक स्थलों का व्यापक मैदानी सर्वेक्षण एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।
विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर के साथ बेनीबाई, भस्मासुर टापू एवं शहरखेरवा स्थित पुरातात्विक धरोहरों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति, ऐतिहासिक महत्व, संरक्षण की आवश्यकता तथा भविष्य में विकसित की जा सकने वाली संभावनाओं का अध्ययन किया।
उल्लेखनीय है कि मंत्री राजेश अग्रवाल के जिले के प्रवास के दौरान कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिले में बिखरी प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता से उन्हें अवगत कराया था। मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश के बाद संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइंस रायपुर से विशेषज्ञ दल को जिले के पुरातात्विक स्थलों के सर्वेक्षण के लिए भेजा गया।
चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने किया मैदानी अध्ययन
रायपुर से पहुंचे विशेषज्ञ दल में पुरातत्ववेत्ता प्रभात कुमार सिंह, उत्खनन सहायक प्रवीण तिर्की, शोधकर्ता डॉ. राजीव जॉन मिंज एवं शोधकर्ता अमर भारद्वाज शामिल रहे। दल ने विभिन्न स्थलों का मौके पर पहुंचकर बारीकी से अध्ययन किया तथा पुरातात्विक अवशेषों, मूर्तियों और स्मारकों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
धनपुर की प्राचीन धरोहरों का सूक्ष्म निरीक्षण
विशेषज्ञ दल ने ग्राम धनपुर में स्थित प्राचीन मंदिर एवं वहां स्थापित ऐतिहासिक मूर्तियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने मंदिर की संरचना, परिसर में मौजूद पुरातात्विक अवशेषों तथा उनके संरक्षण की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।








