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बेमेतरा:विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव 2026–27 के आधिकारिक आमंत्रण पत्र से जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम गायब रहने पर विवाद गहरा गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने इस उपेक्षा पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे जनप्रतिनिधि और जिले की जनता के जनादेश का अपमान करार दिया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से फोन पर बात कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और प्रशासनिक अधिकारियों को शासकीय आयोजनों में नियमानुसार प्रोटोकॉल का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनादेश का अपमान
प्रोटोकॉल का उल्लंघन और जनादेश का अपमान
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि जिला पंचायत जिले की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। ऐसे में शासकीय कार्यक्रमों के आमंत्रण पत्रों से निर्वाचित अध्यक्ष का नाम हटाना प्रशासनिक मनमानी और प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। अधिकारियों को अपनी इस चूक की जिम्मेदारी लेते हुए अपनी कार्यशैली में सुधार करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
अन्य जिलों में सम्मान, स्थानीय स्तर में अनदेखी
राज्य के अन्य जिलों में आयोजित शासकीय कार्यक्रमों के दौरान तय प्रोटोकॉल के तहत नगर निगम में महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत में अध्यक्ष और जिला स्तर पर जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम व फोटो मंच के मुख्य बैनर तथा आमंत्रण पत्रों में प्रमुखता से दिया जाता है। इसके विपरीत बेमेतरा जिले में इस स्थापित प्रशासनिक व्यवस्था की लगातार अनदेखी की जा रही है। अधिकारियों की इस कार्यशैली से जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और प्रशासनिक प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रदेश स्तर पर शिकायत की चेतावनी
मुख्यमंत्री और मंत्रियों से शिकायत की चेतावनी
कल्पना योगेश तिवारी ने चेतावनी दी है, कि शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का ध्यान नहीं रखा गया, तो इस पूरे मामले से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रभारी मंत्री अरुण साव और शिक्षा मंत्री को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्षता और नियमों के दायरे में रहकर करें।








