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रायपुर:उत्तम पुरुषोतम मास में भव्य सत्यनारयण व्रत कथा दीपार्चन का आयोजन जगदूरु शंकराचार्य आश्रम बोरिखाकला में किया गया।यह जानकारी देते हुए आचार्य धर्मेंद्र महाराज ने कहा तीन वर्ष में एक बार पुरुषोत्तमी एकादशी पर 1008 यतिप्रवर दण्डी स्वामी डॉ इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज के पावन सानिध्य में जगदुरु शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला गयपुर में श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं दीपार्चन का भव्य आयोजन किया गया।
पुरुषोत्तमी एकादशी की महत्ता पर प्रवचन करते हुए 1008 यतिप्रवर टण्डी स्वामी डॉ इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज ने कहा एकादशी व्रत के समान सभी पापों को हरने वाल, समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करने नाल कोई दूसरा व्रत नहीं है।
उन्होंने कथा का वर्णन करते हुए कहा भगवन श्री कृष्ण जी से रांबाद करते हुए युधिष्ठिर जी ने पूछा आप हमें सभी पापों का नाश एवं पुण्य को वृद्धि कराने वाली एकादशी का महत्व बताईए । भगवान श्री कृष्ण ने कहा धर्म राज पुरुषोनम मास में शुक्ल या ऋष्ण पक्ष की जो एकादशी प्राप्त हो उसका परित्याग नहीं करना चाहिए
क्योंकि वह ही अनन्त सुख एवं मोक्षदायिनी है कलिकाल में एकादशे ही भव बन्धन से मुक्त करने वाली है जो विधि के अनुसार एकादशी व्रत करते हैं वे जोवन-मुक देखें जाते हैं इसमें कोई संदेह नहीं। पुरुषोत्तम मास में दो एकादशी होती है एक कमल दूसरी कामद जो श्रद्धा पूर्वक कामदा एकादशी व्रत करते हैं वे लोक परलोक के फल प्राप्त करते है यह व्रत महापातक नष्ट करता है।इस दिन भगवान श्री विष्णु का विधान से पूजन करता चाहिए विभिन्न द्रव्यों से अर्चन भोग लगए एवं कथा श्रवण कर ऊत्सव मनाये ।। भगवान श्री नरायण के सहस्त्र नाम का पाठ उत्तम फलदाई होत है एवं गुरु मंत्र का जाप भी पर दो गुना गेशाल में करे घर में एक गुना नदी सहस्त्र गुना शिव जी के समीप एवं तीर्थ क्षेत्र में और तुलसी के निकट लाख गुना तथा श्री विष्णु के निकट अनन्त गुना फल प्राप्त होता है। पुरुषोत्तमी एकादशी पर 1008 यतिप्रत्रर दण्डी स्वामी डॉ इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज ने कहा जैसे पक्षियों में गरुड़ नदियों में गंगा श्रेष्ठ है वैरो ही मासों में पुरुषोत्तम है समस्त देवता आज भी एकादशी व्रत करने हेतु भारत वर्ष में जन्म लेने की इच्छा रखते हैं इसलिए वे सभी भगवान नारायण की पूजन करते हैं। पुरुषोत्तम मास में तान की महिमा भी बताई है अन्न जल पुस्तक वस्त्र मिष्ठान आदि की महिमा है
पुरुषोत्तम मास की काम्दा एकादशी के पुण्य पर्व पर श्रीजगद्गुरू शंकराचार्य आश्रम बोरिवाकल रायपुर में परम पुज्य 1008 यतिप्रवर दण्डी स्वामी श्री इन्दुभवानन्द तीर्थ जी गहाराज के पावन सानिध्य में आयोजित श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं दीपार्चन सम्पन्न हुआ भगवती राजराजेश्वरी महात्रिपुर सुन्दरी ललिता प्रेमाम्बा महारानी एवं भगवान श्रीगनारयण रो सभी नगर वासियों एवं प्रदेश वासियों के लिए आयु आरोग्य की प्रार्थना की कामना की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण शामिल थे।








