
रायपुर : पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि सीजीएमएससी के दोषी अधिकारियों द्वारा लगातार दवाइयों के नाम पर किए जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला से कल सुबह 11 बजे विकास उपाध्याय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंडल दोषियों के खिलाफ जांच की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचेंगे। विकास उपाध्याय ने कल 11 मई 2026 को राजधानी रायपुर के सीजीएमएससी के वेयर हाउस और हमर अस्पताल में औचक निरीक्षण करने पहुँचे हुये थे जहाँ काफी ज्यादा एक्सपायरी दवा का जखीरा मिलने पर उन्होंने सीजीएमएससी के अधिकारियों को दोषी ठहराया है। उपाध्याय ने कहा कि राजधानी के अस्पतालों में एक्सपायरी व कम अवधि वाली दवाइयों की सप्लाई और खरीदी से जुड़े गंभीर मामले फल-फूल रहे हैं अस्पताल में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी व कम अवधि वाली दवाइयों का मिलना एक संदिग्ध मामला है और यह अपराध की श्रेणी में आता है। इस दवा से नवजात बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों की जान को नुकसान पहुँचने वाला था। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी सीजीएमएससी द्वारा सप्लाई की गई कैल्शियम की 6500 से 7000 यूनिट दवाईयाँ खराब मिली थीं और अस्पतालों में सप्लाई किये गये मेडिकल किट जैसे दस्ताना, सिरिंज, सर्जिकल ब्लेड और अन्य कई सामग्री खराब स्थिति में मिले थे। इसलिये विकास उपाध्याय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मंडल 13 मई को सुबह 11 बजे सीजीएमएससी के दोषियों के खिलाफ जांच की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराने पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचेंगे।









