
रायपुर: जिले में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के शासकीय विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन के नेतृत्व में तथा अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से “मिशन उत्कर्ष” का संचालन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन जिला कलेक्टर द्वारा किया गया, जबकि समन्वय और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग ने निभाई।
पूर्व में रायपुर जिले की बोर्ड परीक्षा रैंकिंग लगभग 33वें स्थान के आसपास थी। इसे ध्यान में रखते हुए एक डेटा-केंद्रित शैक्षणिक मॉडल तैयार कर जिले के 215 शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में लागू किया गया। इस पहल के तहत कक्षा 10वीं के लगभग 16,100 तथा कक्षा 12वीं के लगभग 13,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इसमें हिंदी एवं अंग्रेज़ी माध्यम के साथ विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के विद्यार्थी शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान मासिक परीक्षाएँ, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के प्रदर्शन का नियमित आकलन किया गया। विषयवार विश्लेषण के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम की निगरानी जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई, जिससे प्रशासनिक समन्वय बना रहा।
मिशन उत्कर्ष में अदाणी फाउंडेशन की भूमिका
मिशन उत्कर्ष के संचालन में अदाणी फाउंडेशन ने रणनीतिक सह-भागीदार के रूप में सहयोग दिया। फाउंडेशन द्वारा कार्यक्रम के लिए पूर्ण वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया गया। मासिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों की छपाई और उनके वितरण की व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई तथा शैक्षणिक सहयोग के लिए विशेषज्ञ संस्था एलीमेंट्स (ELEMENTS) की नियुक्ति और प्रबंधन किया गया। इसके साथ ही परीक्षा परिणामों की ट्रैकिंग, विश्लेषण और मॉनिटरिंग प्रक्रिया में सहयोग दिया गया। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए भी शैक्षणिक समर्थन उपलब्ध कराया गया, जिससे कार्यक्रम का संचालन तय ढांचे के अनुसार किया जा सका।
उल्लेखनीय परिणाम (शैक्षणिक सत्र 2025–26)
कक्षा 10वीं
जिला रैंक: 32 से बढ़कर 27
उत्तीर्ण प्रतिशत: 66.24% से बढ़कर 71.05%
कक्षा 12वीं
जिला रैंक: 25 से बढ़कर 15
उत्तीर्ण प्रतिशत: 79.94% से बढ़कर 84.79%
मेधा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन
कक्षा 10वीं की टॉप-10 मेरिट सूची में 2 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया, जिनमें अधिकतम अंक 592 (98.67%) रहे। कक्षा 12वीं में टॉप-10 मेरिट सूची में 5 विद्यार्थियों ने स्थान बनाते हुए 96 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए।
कुल मिलाकर लगभग 29,000 विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ यह पहल जिले के शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर में सुधार की दिशा में एक संगठित प्रयास के रूप में सामने आई है।मिशन उत्कर्ष जिला प्रशासन और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक ऐसी पहल है, जिसने रायपुर जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार की दिशा में ठोस आधार तैयार किया है और यह शैक्षणिक सहयोग के एक व्यावहारिक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।










