
Oplus_131072
रायपुर: पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने बिजली समस्याओं को लेकर डंगनिया स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय में सीएसपीडीसीएल एमडी भीम सिंह कँवर को ज्ञापन सौंपा।
श्री उपाध्याय ने ज्ञापन सौंपने के मुख्य उद्देश्य को बताते हुये कहा कि राजधानी सहित छत्तीसगढ़ में जितने भी उपभोक्ता बिजली का उपभोग कर रहे हैं, वह सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं में से महत्वपूर्ण सुविधा है। लेकिन यही भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीबों व मध्यम वर्ग के परिवारों को जबरदस्ती स्मार्ट मीटर थमाती है, फिर उसमें पूर्व की योजनाओं को बंद कर स्मार्ट मीटर के माध्यम से मोटी और बड़ी बिजली बिल उपभोक्ताओं को दे देती है। अब ऐसे में अचानक से बिजली बिल ज्यादा आ जाने से गरीब व मध्यम वर्ग के परिवार को झटका तो लगेगा ही। इसी चक्कर में कुछ गरीब व मध्यम परिवार बिजली बिल पटाने में असमर्थ हो जाते हैं और बार-बार विद्युत कार्यालयों का चक्कर काटने मजबूर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा गरीब व मध्यम परिवार के घर की बिजली लाईनें काटकर अपनी नई योजना मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना में परिवर्तित कर रही है जो कि केवल विज्ञापन मात्र साबित हो रही है। समाधान के नाम पर केवल आश्वासन का काम किया जा रहा है।
श्री उपाध्याय ने सीएसपीडीसीएल कार्यालय डंगनिया में विद्युत विभाग के एमडी को ज्ञापन में लिखा है कि राजधानी सहित छत्तीसगढ़ में गरीब एवं मध्यम वर्ग जो एक माह का बिजली बिल नहीं पटा पा रहे हैं उनके बिजली कनेक्शन को काट दिया जा रहा है, बिजली बिल अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद ही लाईन को काट दिया जा रहा है और जब बिजली बिल पटा दिया जाता है तो जब तक संबंधित जोन में खबर नहीं पहुँच जाती तब तक लाईन को जोड़ा भी नहीं जाता, ये किस तरह का कार्य है? सरकारी बंगलों में मंत्री, आईएएस, आईपीएस सहित विभिन्न अधिकारियों के करोड़ों रूपये के बिजली बिल बाकी हैं उनकी लाईनों को काटने का काम क्यों नहीं किया जा रहा है? मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से अभी तक कितने उपभोक्ताओं का समाधान हुआ है तथा इसमें किस प्रकार के समस्याओं का समाधान किया जाता है, उसकी जानकारी शीघ्र प्रदान करें। एक महीने बिजली बिल नहीं पटाने की स्थिति में उपभोक्ताओं को दूसरे महीने 200 यूनिट फ्री बिजली बिल योजना के लाभ से उन्हें वंचित रखा जा रहा है। जबकि सुरक्षा निधि के नाम पर लोगों के पैसे पूर्व से ही डिपोजिट रहते हैं तो क्यों एक महीने नहीं पटाने की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटा जा रहा है? लगातार बिजली मेंटेनेंस के नाम पर ट्रांसफार्मर सहित अन्य सामान खराब होने की जानकारी दी जाती है लेकिन जो ठेकेदार इन सामानों की सप्लाई करते हैं वैसे ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही क्यों नहीं की जाती? लगातार लो वोल्टेज की समस्याएँ आ रही हैं तथा घण्टे दो घण्टे के लिये अघोषित बिजली कटौती की जा रही है एवं दो-दो, चार-चार घण्टे थ्री फेस जिनके कनेक्शन हैं उनके यहाँ एक फेस गोल होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जब उपभोक्ताओं द्वारा सीएसईबी के अधिकारी कर्मचारी से संपर्क किया जाता है तो न ही कोई फोन उठाते हैं और समस्या संबंधित न ही कोई जवाबदारी लेने को तैयार रहते हैं।
उपाध्याय ने कहा कि लगातार मिल रही बिजली विभाग की समस्याओं का निराकरण शीघ्र अतिशीघ्र नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन का रास्ता अपनायेगी जहाँ सर्वप्रथम बिजली विभाग का घेराव किया जायेगा तत्पश्चात् संबंधित अधिकारियों के निवास का भी घेराव किया जायेगा एवं ऊर्जा विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री के निवास का घेराव भी किया जायेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में विकास उपाध्याय के साथ वरिष्ठ पार्षद संदीप साहू, ब्लाॅक अध्यक्ष देवकुमार साहू, डाॅ. अन्नूराम साहू, अशोक सिंह ठाकुर, सौमित्र मिश्रा, संदीप शर्मा, हरिश साहू, राजू शर्मा, संदीप सिरमोर आदि उपस्थित थे।










