रायपुर:‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम‘ के दूसरे दिन के सत्र का शुभारंभ करते हुए एनसीईआरटी की प्रोफेसर उषा शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों कहा कि शिक्षार्थियों को सीखने के लिए अक्षरों की आकृतियों को ध्वनि से जोड़कर अर्थपूर्ण सामग्री बनाकर उनके अंदर समझ बना सकते हैं, साथ ही बुनियादी संख्या ज्ञान, आंकड़ों का गणितीय ज्ञान जिसके तहत बच्चों व बड़ों के पेडोगोजी में अंतर को ध्यान में रखते हुए शिक्षार्थियों को साक्षर करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षार्थियों को पढ़ने व लिखने तक पहुंचने के लिए सुनना व बोलना बहुत जरूरी होता है।

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