
रायपुर:संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालनालय पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा ‘छत्तीसगढ़ का इतिहास-राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य’ पर आयोजित राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के दूसरे दिन आज महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय रायपुर में तीन अकादमिक सत्रों का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में देश के इतिहासकारों और पुरातत्वविदों ने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया।
संगोष्ठी में बिलासपुर की डॉ. अलका यादव ने रायपुर के कंकाली मठ में नागा साधुओं की परंपरा, तीजराम पाल ने ठाकुर देव विवाह पर और कोंडागांव के श्री घनश्याम नाग ने बड़े डोंगर के लिमऊ राजा पर शोध पत्र पढ़े। राहुल कुमार सिंह ने शुक और मृतक स्मारकों का वृहत्तर परिप्रेक्ष्य और प्रोफेसर आर.एन. विश्वकर्मा ने भारतीय कला को छत्तीसगढ़ की देन पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।








