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बजट “मोदी की गारंटी ” के तहत वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम 

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  • रायपुर: वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी द्वारा आज वर्ष 2024-25 का बजट प्रस्तुत किया गया। नवगठित सरकार द्वारा अमृतकाल के रूप में प्रस्तुत किया गया यह पहला बजट है नीव का बजट” बजट गरीब , युवा , अन्नदाता और नारी (ज्ञानकी समृद्धि और पूंजीगत व्यय बढ़ाकर अधोसंरना विकास को प्रोत्साहित करने और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने पर केंद्रित है बजट मोदी की गारंटी ” के तहत वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • अमृतकालम में एक विकसित राज्य के रूप में उभरने की दृष्टि से सभी क्षेत्रों में समावेशी विकास के लिए 1 नवंबर 2024 तक” अमृतकाल : छत्तीसगढ़विजन @2047 ” तैयार किया जाएगा । इस दृष्टिकोण को प्राप्त करने में हमारी मदद करने वाला पहला मध्यावधि लक्ष्य अगले 5 वर्षों में हमारे राज्य की जीएसडीपीकोलाख करोड़ से दोगुना करके वर्ष 2028 तक 10 लाखकरोड़करनेकालक्ष्यहोगा।
  • मजदूरों और आदिवासियों के समग्र विकास द्वारा आर्थिक स्थिति को विकसित करने की गहन जिम्मेदारी की भावना के साथ यह बजट पेश किया गया है 
  • हमने बनायाहै , हमहीसवारेंगे, हमने 10 मौलिकरणनीतिकस्तंभोंकामसौदातैयारकियाहैजो 2047 तक हमारे मध्यावधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमारी सहायता करेंगे।
  • GYAN : हमारे आर्थिक विकास के केन्द्र बिन्दु
  • तकनीक आधारित रिफार्म और सुशासन से तीव्र आर्थिक विकास
  • तमाम चुनौतियों के बीच अधिकाधिक पूंजीगत व्यय सुनिश्चित करना
  • प्राकृतिक संसाधनों का उचित इस्तेमाल
  • अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र की नयी संभावनाओं पर जोर
  • सरकार की सारी क्षमताओं के अतिरिक्त निजी निवेश भी सुनिश्चित करना
  • बस्तर-सरगुजा की ओर भी देखो
  • डिसेंट्रेलाइज्ड डेवलपमेंट पाकेट्स
  • छत्तीसगढ़ी संस्कृति का विकास
  •  क्रियान्वयन का महत्व
  • राजकोषीय स्थिति
    • राज्य के राजस्व में वृद्धि के लिए किए गए सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूपनए कर लगाए बिना या कर की दरों में वृद्धि किए बिना राज्य के स्वयं के राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
    • वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल राजकोषीय घाटा रु. 19,696 करोड़ (भारत सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए 3,400 करोड़ रुपये की विशेष सहायता सहित) अतराज्य का शुद्ध राजकोषीय घाटा 16,296 करोड़ रुहोने का अनुमान हैजो जीएसडीपी का 2.90% है  यह एफआरबीएम अधिनियम में निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है।
    • वर्ष 2023-24 में कुल राजस्व आधिक्य 1,060 करोड़ रुपये अनुमानित है। छत्तीसगढ़ उन प्रगतिशील राज्यों में से है जो राजस्व आधिक्य की स्थिति बनाए है।
    • पूंजीगत व्यय लगभग रु22,300 करोड़ जो कुल बजट का 15और वित्त वर्ष 2023-24 से 20अधिक है। यह पिछले 5 वर्षों के औसत पूंजीगत व्यय 12% से अधिक है।
    • भारत के साथ प्रमुख राजकोषीय संकेतकों की वर्षदरवर्ष वृद्धि की तुलना
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