नई दिल्ली:आज राज्यसभा में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर हुई चर्चा में राज्यसभा सदस्य डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने कहा भारत की अर्थव्यवस्था की बात पर याद आता है कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में लंबे समय तक एक दौर था जब भारत का मज़ाक़ उड़ाया जाता था, कहा जाता था कि ये भारत की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट दो प्रतिशत से ऊपर बढ़ ही नहीं सकता,
और व्यंग्य के साथ इसे “हिंदू ग्रोथ रेट” कहकर मखौल बनाया जाता था। मगर जब से मोदी जी के नेतृत्व में हम आये है अब अर्थव्यवस्था प्रगति के उस पथ पर है अब ये विश्व की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ऊँचे पायदान पर 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट है । जिन्हे हिंदुत्व शब्द से नफ़रत है वो वही है जो दो% की हिन्दू ग्रोथ रेट पर ख़ुश थे पर अब ये “हिंदू ग्रोथ रेट” नहीं है, ये “हिंदुत्व की ग्रोथ रेट” है।क्योंकि अब वो लोग आये है जो हिंदुत्व में विश्वास करते हैं। हिन्दू धर्म लुकास समूह करने की चाह रखने वाले इसे महज़ संयोग ही कहेंगे पर हो तो मेरी दृष्टि में यह दैवयोग है प्रभु राम की कृपा है कि हम विश्व में ग्रोथ रेट की शीर्ष पर तब बैठे हैं जब श्रीराम मंदिर में श्री राम लला विराजमान की प्राण प्रतिष्ठा के साथ राम मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है।पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था में एक सूनामी आयी हुई है जिसमें अमेरिका चाइना जैसे बड़े बड़े देश जूझ रहे हैं पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देश तो उल्टे पलटे जा रहे हैं ,परंतु इस सुनामी भरे समुंदर में भी हमारे जहाज़ के कैप्टन प्रधानमंत्री जिस कुशलता के साथ हमें निकाल कर लेके जा रहे हैं उस पर जो लोग मोदी जी पे आक्षेप इल्ज़ाम लगाते हैं उनके लिए मैं मोदी जी की तरफ़ से कहना चाहूंगा।
“हमें इल्ज़ाम मत दीजिए,
बहुत अफ़सोस होता है।
बड़ी तरकीब से कश्ती,
यहाँ तक ले के आए हैं ।
बदल देते हैं हम दरिया की लहरें,
अपनी हिम्मत से।
आँधियों में भी अक्सर,
चिराग़ हमने जलाए हैं॥”









