नई दिल्ली:कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा प्रधानमंत्री ने पिछले साल अपनी छवि चमकाने के लिए दावा किया था कि भारत दुनिया का पेट भरने में सक्षम है। उन्होंने गेहूं के निर्यात की खुली छूट दी।फिर अपने ही देश में गेहूं संकट उत्पन्न हो गया। 2022 के अंत आते-आते गेहूं का स्टॉक 15 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया। स्थिति बिगड़ी तब निर्यात पर रोक लगाई गई। अब ख़बर है कि सरकार गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है।लेकिन इस बीच देश में आटा समेत गेहूं प्रोडक्ट्स के दाम 50% तक बढ़ गए। प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण योजना के तहत भी गेहूं की जगह चावल दिए जाने की ख़बरें आई हैं। एक बार फ़िर स्वघोषित विश्वगुरु के दिखावे की वजह से नुक़सान आम और ग़रीब लोगों का हुआ है।

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