नई दिल्ली: 7 अक्टूबर को हमास ने इसराइल पर जो अचानक हमले किए, उसके सबसे पहले निशाने पर यही शहर आए कफ़र अज़ा, नहाल ओज़े और मेगान. कुछ दिन पहले तक इन शब्दों के बारे में शायद ही किसी को पता था. लेकिन इसराइल-फ़लस्तीन संघर्ष के बाद ये शब्द वर्ल्ड मीडिया में छाए हुए हैं.इन सभी शहरों में किबुत्ज़ हैं. हिब्रू में इसका मतलब होता है किसान समुदाय. इसराइल में किबुत्ज़िम एक अनूठी जीवन शैली है, जो अपने समाजवादी और सख़्त लोकतांत्रिक प्रयोगों की वजह से बेहद क़ामयाब साबित हुई.इन्होंने ना सिर्फ इसराइल की खेती बाड़ी को समृद्ध किया, बल्कि इसराइल के बौद्धिक विकास, रक्षा और राजनीतिक नेतृत्व में भी अहम भूमिका निभाई.इस समुदाय का इतिहास एक देश के रूप में इसराइल की स्थापना से 4 दशक पहले शुरू होता है. इसराइल के गठन के दौरान इन्होंने सरकार को कई मोर्चों पर सहयोग किया.

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