रायपुर,:भारत के शिक्षा परिदृश्य में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है। युवा विद्यार्थी आज ज्ञानोन्मुखी शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के स्थान पर रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता देने लेगे हैं। देश में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का महत्व दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी भी एक ऐसा पाठ्यक्रम है जिसमें रोजगार-व्यवसाय की बेहतर संभावनाएं हैं। विगत कुछ वर्षो में खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी से संबंधित उपक्रम एक बडे एवं विस्तृत रूप में सामने आये हैं। सर्वेक्षण के द्वारा यह मालूम किया गया है कि प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होने से एवं बदलते समय के अनुसार व्यस्त जिन्दगी में शहरी लोगो की जीवन शैली में प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की मांग में लगातार बढोतरी हो रही है।

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