रायपुर:छत्तीसगढ़ के लोगों की विशेषता है कि हम असहमति का भी सम्मान करते हैं। लोगों से मशविरा करते हैं और इसके बाद नीतियां तैयार करते हैं। जो अच्छी कार्यप्रणालियां हैं उन्हें यथावत रखते हैं, जिनमें कुछ त्रुटि है और सुधार की गुंजाइश है उन्हें ठीक करते हैं। हमारे भीतर यह सादगी इसलिए आई क्योंकि यह भूमि भगवान राम की ननिहाल है। यहां कबीर, गुरुघासीदास तथा विवेकानंद जैसे साधकों का असर है। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनडीटीवी के मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ रीजनल चैनल के शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक सांस्कृतिक ईकाई है। यद्यपि राज्य का निर्माण वर्ष 2000 में हुआ लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य को लेकर जो लोगों के सपने थे, वे पूरे नहीं हो पाए। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को एक नये राज्य में फलने-फूलने का जैसा अवसर मिलना चाहिए था, वैसा नहीं मिल पाया। हम लोगों ने यह काम किया है।

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