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पुरानी पेंशन लागू कराने पॉवर कंपनी के कर्मी हुए, लामबंद

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रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के अधिकारी / कर्मचारियों हेतु नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने हेतु पॉवर कंपनी के विभिन्न यूनियन / संगठन के पदाधिकारियों की बैठक डंगनिया स्थित ऑफिसर क्लब हुई, जिसमें सभी संगठन के पदाधिकारियों ने पॉवर कंपनियों में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए ओपीएस बहाली हेतु आक्रमक रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके लिए क्रमिक आंदोलन की रणनीति बनाई गई, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों को ओ. पी. एस. बहाली हेतु ज्ञापन सौंपना, सभी एन.पी.एस. अधिकारी / कर्मचारियों द्वारा काली पट्टी लगाकर कार्य करना तथा पॉवर कंपनी प्रबंधन द्वारा ओ.पी.एस. बहाल न किये जाने पर पॉवर कंपनी मुख्यालय रायपुर में आमसभा एवं कंपनी प्रबंधन को आंदोलन की सूचना / ज्ञापन दिया जाएगा।यह उल्लेखनीय है कि छ.रा. शासन द्वारा 2004 में ओ. पी. एस के स्थान पर जब एन.पी.एस. लागू करने का निर्णय लिया गया था तब पूर्ववर्ती छ.रा.वि. म. प्रबंधन द्वारा पूर्ववर्ती छ.रा. वि.मं. के 01 जनवरी 2004 से सभी नए नियुक्त अधिकारी / कर्मचारी पर ओ. पी. एस. के स्थान पर एन.पी.एस. लागू कर दिया गया था। तत्पश्चात केन्द्र सरकार द्वारा एन. पी.एस. में नियोक्ता अंशदान 10 प्रतिशत के स्थान पर 14 प्रतिशत अप्रैल 2019 से एवं छरा शासन द्वारा अप्रैल 2022 से लागू किया गया था। छ.ग.प.के. प्रबंधन द्वारा राज्य शासन के निर्णय के अनुरूप अप्रैल 2022 से ही नियोक्ता का अंशदान 10 प्रतिशत के स्थान पर 14 प्रतिशत किया जाना लागू किया गया। परंतु राज्य शासन द्वारा 01.04.2022 से एन.पी.एस. के स्थान पर ओ.पी.एस. पुनः बहाल करने के निर्णय के अनुरूप छ.रा. पॉ. कं. के एन.पी.एस. के अधिकारियों / कर्मचारियों को पुरानी पेंशन अभी तक बहाल नहीं की गयी है।राज्य की तीनों पावर कंपनियों में कार्यरत हजारों अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा राज्य को निरंतर ऊर्जावान बनाये रखने में अपना सतत् परिश्रम एवं कौशल का योगदान करते हुए राज्य को ऊर्जा अतिशेष का दर्जा बनाये रखने में अहम भूमिका का निवहन कर रहे है। कर्त्तव्य के निवहन के दौरान कई मैदानी कर्मचारियों को विद्युत से संबंधित दुर्घटना के कारण अपने जान से हाथ गवांना पड जाता है। जिससे उनके परिजनों को एन.पी.एस. के कारण आर्थिक कठिनाईयों को सामना करना पड़ता है। दिनांक 01.01.2004 से पहले पूर्ववर्ती छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल में जारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) न केवल आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करता था बल्कि सेवानिवृत्ति के पश्चात् सेवानिवृत्त अधिकारियों / कर्मचारियों को आर्थिक रूप से स्वालंबन बनाये रखने में मदद करता है।यह भी उल्लेखनीय है कि छ.रा. पॉ.कं. प्रबंधन को ओपीएस बहाली पर पॉवर कंपनियों पर वर्ष 2075 तक पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव के अध्ययन की रिपोर्ट जूलाई, 2022 में ही उपलब्ध करायी जा चूकी है, इस रिपोर्ट के अनुसार पॉवर कंपनी के अधिकारी / कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना बहालीकरने पर कंपनियों द्वारा वर्तमान में एन.पी.एस. के तहत जमा किये जा रहे 14% नियोक्ता के अंशदान के अतिरिक्त कोई भी वित्तीय भार वर्ष 2075 तक नहीं आना है। वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के शासित सभी राज्यों में यथा राजस्थान, हिमांचल आदि प्रदेशों में राज्य शासन के कर्मचारियों के साथ-साथ संबंधित राज्य की पॉवर कंपनियों में भी एन.पी.एस. को हटाकर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जा चूकी है, परन्तु छ.ग. राज्य में माननीय मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा के बाद भी पॉवर कंपनी प्रबंधन द्वारा टालमटोल की नीति अपनाकर पुरानी पेंशन योजना की बहाली में अनावश्यक देरी की जा रही है ।

विद्युत अधिकारी / कर्मचारियों की इस महत्वपूर्ण मांग पर निरंतर उदासीनता को देखते हुए उपस्थित सभी यूनियन / संगठन के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से छ.रा. पॉवर कंपनीज अधिकारी कर्मचारी OPS बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तहत संयुक्त रूप से पॉवर कंपनीज में पुरानी पेंशन बहाली हेतु आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई है।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्र उपाधि अभियंता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष भूपेश वर्मा, प्रांतीय महासचिव  बी बी जयसवाल, प्रांतीय संगठन सचिव तनोज कुमार मित्रा, प्रांतीय कोषाध्यक्ष दीपेंद्र मुखर्जी एवं प्रांतीय विधि सलाहकार समीर पांडे, छत्तीसगढ़ विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष  सुरेंद्र शुक्ला एवं  राजेश खरे,  दास गुप्ता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव  शशांक धावरे,  पाटिल विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन, इंटका के अध्यक्ष राम भाऊ एवं  सुधीर नायक ऑफिसर एसोसिएशन के महासचिव  सौमित्र दुबे संगठन सचिव  अजय शर्मा एवं कोषाध्यक्ष  राजेश तांती,
छत्तीसगढ़ तकनीकी विद्युत कर्मचारी एकता यूनियन उपस्थित थे।

 

 

 

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