रायपुर:. छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन संचालित विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय तथा दिशा कॉलेज रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में इमर्जिंग एरिया इन कंप्यूटर साइंस एवं टेक्नोलॉजी विषय पर आयोजित तीन दिवसीय नेशनल सेमिनार का समापन समारोह मुख्य अतिथि प्रो. पीयूष कांत पांडे (वाइस चांसलर एमिटी यूनिवर्सिटी रायपुर ) के गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रोफेसर पीयूष कांत पांडेय ने बताया कि कंप्यूटर साइंस आज मानव जीवन के लिए वरदान साबित हो रहा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे नवीन तकनीक से चीजें आसान एवं एडवांस हो गई है। आज पूरे विश्व में भारत के कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट अपना लोहा मनवा रहे हैं ।इस स्थिति में इस प्रकार के सेमिनार निश्चित तौर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को कंप्यूटर साइंस के नए आयामों से परिचित करायेगा, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। इसके पूर्व दिशा कॉलेज के प्राचार्य डॉ .अनिल तिवारी ने सेमिनार का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि तीन दिवसीय सेमिनार के तीनो दिवस विषय विशेषज्ञों के शोध एवं सारगर्भित व्याख्यान सुनने को मिले, जिसका लाभ आने वाले समय में निश्चित तौर पर उपस्थित समस्त प्राध्यापक शोधार्थी एवं छात्रों को प्राप्त होगा।
इसके बाद मुख्य अतिथि प्रो. पीयूष कांत पांडेय ने समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया ।अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य डॉ .मेघेश तिवारी ने इस प्रकार के संयुक्त आयोजन को आवश्यक बताते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विकसित होते नवीन तकनीक से परिचित होने के लिए एक दूसरे का सहयोग करते हुए प्राध्यापक अपडेट रहे, तो विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षित करने में समर्थ हो सकते हैं। समापन समारोह का संचालन डॉक्टर दिव्या शर्मा ने किया ।
इसके पूर्व सेमिनार के तीसरे दिन डॉ .दीपक कुमार देवांगन ने डीप लर्निंग टेक्निक विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए बताया कि डीप लर्निंग एक प्रकार का लोंगलिस्ट रूल है ,जो वातावरण को चेंज भी कर सकता है ।किसकी सहायता से हम छोटे और बड़े दांतों को एक साथ कलेक्शन करते हुए प्रयोग में ला सकते हैं ।इसका दुष्प्रभाव यह है कि हम इसको व्यवहारिक रूप में प्रयोग नहीं कर सकते ।जब इसमें कोई त्रुटि आती है तो उसको ढूंढने में बहुत समय लगता है।
दूसरे सत्र में डॉ. आशीष कुमार ताम्रकार भिलाई ने मशीन लर्निंग के माध्यम से किसी भी मॉडल किसी भी प्रक्रिया को तेजी से करने की टेक्निक बताई।उन्होंने यह भी बताया कि हम मशीन लर्निंग के माध्यम से अपने पड़ोसी की जानकारी भी रख सकते हैं। तकनीकी सत्र का संचालन संयोजक मोहित श्रीवास्तव ने किया।समापन अवसर पर शारिरिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पीयूष कांत पांडेय ने प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया।इस अवसर पर दोनों महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों प्रतिभागियों सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।

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