नई दिल्ली:बीजेपी पिछले नौ सालों से केंद्र की सत्ता में है और कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. लेकिन मोदी की यह कोशिश कर्नाटक में रंग नहीं ला पाई.कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के साथ ही उसका दावा मज़बूत हुआ है कि अगले साल लोकसभा चुनाव में बीजेपी विरोधी खेमे का नेतृत्व वही कर सकता है.अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले कई और राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. इन राज्यों में छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार है.छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में इसी साल नवंबर महीने में चुनाव हैं और राजस्थान में दिसंबर में. कहा जा रहा है कि जिस तरह से मध्य प्रदेश का चुनाव बीजेपी के लिए मुश्किल है, उसी तरह से कांग्रेस के लिए राजस्थान में.कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद यह बहस फिर से शुरू हो गई है कि क्या अगले साल होने वाले आम चुनावों में नरेंद्र मोदी की राह मुश्किल हो गई है? क्या मोदी की लोकप्रियता कम हो रही है?
क्या कांग्रेस अब बीजेपी को हराने में सक्षम हो गई है?

ब्रेकिंग
- मुख्य सचिव ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी
- जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री
- नवा रायपुर में 2036 पौधों का रोपण: ओलंपिक मेजबानी के समर्थन में अनूठी पहल
- कैबिनेट की बैठक में लिए गए,महत्वपूर्ण निर्णय
- विप्र कॉलेज में ब्रिजिंग एकेडमिक एंड इंडस्ट्री इन्वेंशन इन एजुकेशन विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन








