
रायपुर:नवरात्र पर्व पर उमड़ रहे श्रद्धालु, 14 अक्टूबर से तीन दिवसीय श्रीराम कथा का होगा आयोजनहसदा, जिला बेमेतरा। शक्ति, श्रद्धा और आस्था के पावन केंद्र स्वयंभू माँ महामाया धाम, ग्राम हसदा, जिला बेमेतरा में शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर 145 मनोकामना ज्योतियाँ प्रज्वलित की गई हैं। ज्योतियों की दिव्य आभा से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा है। माँ के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु माता रानी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं।
स्वयंभू माँ महामाया धाम क्षेत्र के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ न केवल आसपास के गाँवों, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्तगण माता के दर्शन करने पहुँचते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से माँ महामाया की आराधना करने से मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। भक्त माँ महामाया के चरणों में अपनी मनोकामनाएँ अर्पित कर सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
14 अक्टूबर से तीन दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन
नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर स्वयंभू माँ महामाया धाम में 14 अक्टूबर से तीन दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रखर कथा वाचिका पूज्य कृष्णप्रिया सरला दुबे जी श्रीराम कथा का रसपान कराएँगी।
श्रीराम कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, प्रेम, करुणा एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्राप्त होगी। कथा के आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। आसपास के गाँवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कथा श्रवण के लिए पहुँचने की संभावना है।
मंदिर समिति ने की श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री भगवती परगनिहा ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्र पर्व को लेकर मंदिर में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण है। इस पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं से माँ महामाया के दर्शन करने, तीन दिवसीय श्रीराम कथा का श्रवण करने तथा धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की।
नवरात्र का यह पावन पर्व शक्ति की उपासना, भक्ति, साधना और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। स्वयंभू माँ महामाया धाम में प्रज्वलित 145 मनोकामना ज्योतियाँ भक्तों की अटूट आस्था, विश्वास और आशाओं का प्रतीक बनकर जगमगा रही हैं। वहीं, श्रीराम कथा का आयोजन इस धार्मिक वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिकता की एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।










